
cm ashok gehlot- govind singh dotasara
जयपुर। कांग्रेस ने विधानसभा की दो सीटों पर उप चुनाव को लेकर रणनीति बनानी शुरु कर दी है। इसके लिए नेताओं ने बूथ स्तर पर जाकर काम शुरु कर दिया है। प्रदेश में विधानसभा उप चुनाव दो सीटों पर होंगे। उदयपुर की वल्लभनगर और प्रतापगढ की धरियावाद में भी उपचुनाव होगा। वल्लभनगर में कांग्रेस विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत चुनाव जीते थे वहीं धरियावाद से भाजपा विधायक गौतमलाल चुने गए थे। दोनों विधायकों का निधन हो गया था।दोनों सीटों पर चुनाव की घोषणा जल्द होगी।
विकास कार्यो में तेजी—
सीएम अशोक गहलोत ने आचार संहिता से पहले दोनों विधानसभा इलाकों में विकास के कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही छोटी छोटी बैठकें कर अभी से चुनावी माहौल बनाकर काम करने को कहा है। इसके बाद वहां के नेताओं ने प्रभारी मंत्री के साथ इसकी रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है। चुनावों की तारीख का एलान जल्द होने की संभावना है। कांग्रेस पार्टी इन चुनावों में गहलोत सरकार के कामकाज को लेकर मैदान में उतरेगी। इसीलिए गहलोत ने बैठक में निर्देश दिए थे कि जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं और विकास कामों का प्रचार करें। वैसे स्थानीय स्तर पर दोनों सीटों पर कार्यकर्ताओं की छोटी छोटी बैठकें शुरू हो चुकी है और कांग्रेस के नेता इन बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश जगा रहे हैं ताकि चुनाव की घोषणा होते ही कार्यकर्ता इनमें जुट जाएं। इसके अलावा दोनों सीटों का फीडबैक लिया जा रहा है।
टिकट का चयन कांग्रेस के लिए मुसीबत— वल्लभनगर सीट में उम्मीदवार का चयन करना कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए मुसीबत बन गया है। वल्लभ नगर से जीते विधायक गजेन्द्र शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत टिकट मांग रही है। दूसरी ओर गजेन्द्र सिंह के बड़े भाई देवेन्द्र सिंह शक्तावत भी टिकट के दावेदार बताए जा रहे है। उन्होंने कह भी दिया हैं कि यदि कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया तो वे निर्दलीय ही चुनाव लडेंगे। शक्तावत ने हाल ही में आरोप लगाए कि साल 2020 के पंचायत चुनाव में कांग्रेस पार्टी को 6 जिला परिषद सदस्य में से 5 पर हार देखनी पड़ी। इसी तरह वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र स्थित 3 पंचायत समितियों वल्लभनगर, कुराबड़, भींडर में से एक पर भी कांगेस का प्रधान नहीं बन सका। निकाय चुनाव में भींडर नगरपालिका टिकट वितरण में पार्टी हारी। लोकसभा चुनाव में वल्लभनगर विधानसभा में कांग्रेस 80 हजार वोटों से पीछे रही।
शक्तावत परिवार का दबदबा— वल्लभनगर से विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन के बाद यहां उपचुनाव होने हैं। गजेन्द्र शक्तावत कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता रहे गुलाब सिंह शक्तावत के पुत्र है। शक्तावत का इस क्षेत्र में काफी दबदबा रहा। उनके निधन के बाद छोटे बेटे गजेन्द्र सिंह शक्तावत को साल 2008 में टिकट दिया गया और वे विधायक बने। इसके बाद 2013 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। गत विधानसभा चुनाव में वे एक बार फिर से विधायक बने थे। बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था।
भींडर और कटारिया के बीच विवाद— भाजपा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने पहले ही कह दिया हैं कि वे जनता सेना के रणवीर सिंह भींडर को भाजपा का टिकट नहीं लेने देंगे। वहीं रणवीर सिंह ने कह दिया हैं कि वे निर्दलीय ही चुनाव लडेंगे। ऐसे में भाजपा के सामने ये संकट हैं कि भींडर चुनाव लडते हैं तो भाजपा उम्मीदवार को परेशानी में डाल सकते है। पिछले चुनाव में भींडर सिर्फ ढाई हजार वोट से चुनाव हारे थे।
धरियावाद में भाजपा को झटका— धरियावाद चुनावों को लेकर कांग्रेस ने कल बैठक की थी। शाम को प्रतापगढ नगर परिषद की सभापति राम कन्या गुर्जर ने भाजपा को झटका देते हुए कांग्रेस ज्वाइन कर ली। इससे कांग्रेस को आने वाले चुनावों में मदद मिलेगी। एक वर्तमान पार्षद और पूर्व पार्षद भी कांग्रेस में शामिल हुए। पीसीसी कार्यालय में सभी ने कांग्रेस की सदस्यता ली। पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा ने सभापति का स्वागत किया।
पिछले उपचुनाव में दो पर जीतीं थी कांग्रेस— विधानसभा की तीन सीटों पर हुए गत उपचुनावों में दिवंगत विधायकों के परिवार में से टिकट दिए गए थे। इनमें दो सीटों मनोज मेघवाल, गायत्री देवी कांग्रेस और दीप्ति माहेश्वरी भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। सुजानगढ़ सीट से जीते मनोज कुमार, दिवंगत विधायक मास्टर भंवरलाल मेघवाल के पुत्र हैं, सहाड़ा सीट से जीतीं गायत्री देवी इसी सीट से दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी की पत्नी व राजसमंद सीट से जीती दीप्ति माहेश्वरी दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी की पुत्री हैं।
Published on:
11 Sept 2021 09:42 pm
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