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अब 1500 नहीं 1000 रुपए देना होगा प्रति पोल शुल्क, टेलीकॉम कंपनियों को राहत

राज्य सरकार ने टेलीकॉम सर्विसेज को राहत प्रदान की है। अब रोडलाइट के पोल पर केबल डालने के लिए संबंधित कंपनी को पहले से कम शुल्क देना होगा। कपंनियों को अब संबंधित निकाय को 1500 के बजाए 1000 रुपए प्रति पोल शुल्क देना होगा।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Feb 01, 2022

अब 1500 नहीं 1000 रुपए देना होगा प्रति पोल शुल्क, टेलीकॉम कंपनियों को राहत

अब 1500 नहीं 1000 रुपए देना होगा प्रति पोल शुल्क, टेलीकॉम कंपनियों को राहत

राज्य सरकार ने टेलीकॉम सर्विसेज को राहत प्रदान की है। अब रोडलाइट के पोल पर केबल डालने के लिए संबंधित कंपनी को पहले से कम शुल्क देना होगा। कपंनियों को अब संबंधित निकाय को 1500 के बजाए 1000 रुपए प्रति पोल शुल्क देना होगा। इसके लिए मंत्री शांति धारीवाल की मंजूरी के बाद यूडीएच ने आदेश जारी किए हैं।

आदेश के तहत टेलीकॉम सर्विस की भूमिगत केबल के लिए मेनहॉल या चैम्बर बनाने पर टेलीकॉम कंपनियों को पहले से कम शुल्क देना होगा। पहले डीएलसी के 10 प्रतिशत प्रति मेनहॉल शुल्क देना पड़ता था। अब जिला मुख्यालय वाले शहरों में यह शुल्क 2 हजार रुपए और अन्य शहरों में 1 हजार रुपए प्रति मेनहॉल रहेगा। आपको बता दें कि टेलीकॉम सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए यूडीएच ने शुल्क में की कमी की है। इसे लेकर केन्द्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने सरकार से दोनों शुल्कों को घटाने की मांग की थी।

गांव के 500 मीटर दायरे में कृषि भूमि पर बना

शहरों के लगातार फैलाव के चलते अब सरकार ने गांवो में भी शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के लिए छूट दी है। नगरीय विकास विभ्ज्ञाग ने एक आदेश जारी कर राजस्व ग्रामों की आबादी के 500 मीटर दायरे में निजी कृषि भूमि पर कॉलेज की स्थापना की जा सकेगी। इसे लिए पूर्व में परमिसिबल अन्य गतिविधियों के साथ कॉलेज खोलने के लिए भी लैंड यूज चेंज की जरूरत नहीं होगी। इस आदेश से ग्रामीण क्षेत्र में भी शिक्षा का प्रसार हो सकेगा। वहीं पढ़ाई के लिए ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं का पलायन रुकेगा। उन्हें अपने गांव के पास ही कॉलेज की सुविधा मिल सकेगी।