
Rajasthan Election 2023 : पांच साल बाद फिर से राजस्थान सहित चार राज्यों में चुनावी परीक्षा होगी। पच्चीस नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए 30 अक्टूबर से छह नवंबर तक नामांकन दाखिल होंगे। प्रमुख पार्टियों की ओर से लिस्ट जारी होने के बाद अधिकृत प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने की तैयारी में जुटे हैं। चुनावी रण में अजेय साबित होने के लिए तमाम उम्मीदवार घर से प्रचार के लिए निकलने और नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए प्रदेशभर के नामी पंडितों और ज्योतिषियों से ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर मुहूर्त निकलवा रहे हैं।
अभिजीत काल बढ़िया
ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि नेताओं को अपनी कुंडली के अनुसार चंद्रमा की स्थिति का अध्ययन कराकर ही नामांकन पत्र दाखिल करना चाहिए। तीस अक्टूबर से छह नवंबर तक नामांकन के लिए अभिजीत काल में सुबह (सुबह 11.50 से दोपहर 12.35) बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा। सिविल लाइंस सहित प्रदेश में विभिन्न जगहों से निर्दलीयों ने हार-जीत का फलादेश निकलवाने के लिए भी पूछा है। चंद्रमा का उच्च राशि में रहने से हर कार्य के लिए विशेष सफलता के साथ श्रेष्ठफल प्रदाता माना है। अलग-अलग शुभ, लाभ, अमृत, चर के चौघड़ियों से भी मुहूर्त निकाले हैं।
कुंडली में उच्च राशि का चंद्रमा वाले काल में भरें नामांकन
ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि चंद्रमा 28 नवंबर तक अपनी उच्च राशि मीन में रहेगा। ऐसे में प्रत्याशी अपनी कुंडली में उच्च राशि का चंद्रमा वाले काल के अनुसार ही नामांकन भरें। सामान्यतः कार्तिक मास में 30 अक्टूबर, 1 से 4 नवंबर तक का नामांकन के लिए श्रेष्ठ दिन रहेगा। मालवीय नगर, विद्याधर नगर, सवाईमाधोपुर विधानसभा सहित अन्य जिलों से उम्मीदवारों ने संपर्क किया है। प्रचार के साथ उम्मीदवार का फलादेश भी निकाला है।
मध्यप्रदेश से पहुंच रहे नेताजी
भीलवाड़ा, कारोई के ज्योतिषचार्य पं.गोपाल लाल व्यास ने बताया कि नामांकन और चुनाव प्रचार के लिए सही मुहूर्त निकालने को भृगु संहिता के आधार पर, जातक के चंद्रमा लग्न सहित अन्य फलादेश का मिलान किया जा रहा है। ज्योतिष की विशेष पद्धति से यह आकलन हर बार राजनीति के लिहाज से खास होता है। राजस्थान के अलावा, मध्यप्रदेश से भी कई प्रत्याशियों ने संपर्क किया है।
ये रहेंगे विशेष योग
30 अक्टूबर को सर्वार्थसिद्धि योग, कृत्रिका नक्षत्र, स्थिर योग— मध्यम मुहूर्त
31 अक्टूबर को रोहिणी नक्षत्र, वृष का चंद्रमा — मध्यम मुहूर्त
1 नवंबर को सर्वार्थसिद्धि योग, अमृत योग, करवा चौथ भी — सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
2 नवंबर को शिवयोग, उच्च राशि का चंद्रमा— श्रेष्ठता का दिन
3 नवंबर को कुमारयोग, पुनर्वसु नक्षत्र, सर्वार्थसिद्धि योग, रवियोग—सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
4 नवंबर को पुनर्वसु नक्षत्र, छत्र और पुष्योग — सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
5 नवंबर को रविपुष्य और त्रिपुष्कर योग
6 नवंबर को सौम्य और शुक्रयोग
( ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा के मुताबिक)
अब तक टिकटों का वितरण
कांग्रेस-95
भाजपा-124
Published on:
27 Oct 2023 09:16 am

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