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यात्री ट्रेनों से जल्द विदा होगी जेनरेटर खींचने वाली कार

जयपुर. रेलवे ने हेड ऑन जेनरेशन प्रणाली पर 44 ट्रेनों में 54 रैक को परिवर्तित कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस तकनीक को अब एल.एच.बी कोच वाली सभी ट्रेनों में शुरू किया गया है।
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जयपुर

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Subhash Raj

Jul 09, 2020

यात्री ट्रेनों से जल्द विदा होगी जेनरेटर खींचने वाली कार

यात्री ट्रेनों से जल्द विदा होगी जेनरेटर खींचने वाली कार

रेलवे के मुताबिक, इससे ऊर्जा बिलों में कटौती के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलेगी। इस तकनीक के अंतर्गत पेन्टोग्राफ के माध्यम से ट्रेन इंजन तक बिजली की लाइनों से ली गई बिजली का उपयोग इंजन को चलाने और डिब्बों को खींचने के लिए किया जाता है। इस नई प्रणाली में बिजली की जरूरतों के लिए ओवरहेड से ली गई बिजली इंजन से पीछे डिब्बों में वितरित की जाती है।
रेलवे ने बताया कि इससे परिचालन लागत में कमी और राजस्व में वृद्धि होगी। ट्रेनों में एच.ओ.जी. सिस्टम की वजह से दिल्ली मंडल को तेल खपत में बचत होने की उम्मीद है। एच.ओ.जी सिस्टम में एक पॉवर कार को हटाया जा सकता है।
एच.ओ.जी. तकनीक की वजह से जनरेटर कारों की डीजल खपत पर प्रति वर्ष लगभग 65 करोड़ की बचत होगी। दिल्ली मंडल ने गरीब रथ को एच.ओ.जी. सिस्टम पर संचालित करने के लिए इन ट्रेनों के 150 कोच और 18 पावर कारों के संशोधन कार्य के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नई प्रणाली में बिजली की जरूरतों के लिए ओवरहेड से ली गई बिजली इंजन से पीछे डिब्बों में वितरित की जाती है।

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