जयपुर।
जालौर में टीचर की पिटाई से हुई दलित छात्र की मौत के मामले में रविवार को राजस्थान विवि में पूर्व छात्र नेता नरसी किराड़ के नेतृत्व में छात्रशक्ति एक जुट हो गई और जमकर हंगामा किया। छात्रों ने विवि का मुख्यद्वार बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए। छात्रों ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान नरसी किराड़ ने ऐलान कर दिया कि जब तक इंद्र कुमार और उसके परिजनों को इंसाफ नहीं मिलेगा छात्रों का प्रदर्शन विवि के मुख्यद्वार पर जारी रहेगा। इस दौरान मौके पर मौजूद पुंलिस प्रशासन ने उनकी समझाइश का प्रयास भी किया लेकिन छात्रों ने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया।प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इंद्र कुमार के हत्यारे के मामले की फास्ट ट्रेक अदालत में सुनवाई की जानी चाहिए जिससे उसके परिजनों कोन्याय मिल सके। साथ ही सरकार से एक कमेटी गठित किए जाने की भी मांग की गई जो सभी स्कूलों के छात्रों खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान और पिछड़े क्षेत्र, पिछड़ा वर्ग और आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों से ऐसी घटनाओं को लेकर फीड बैक ले। उनका कहना था कि यदि किसी भी शिक्षण संस्थान में इस प्रकार की घटना होती है तो सरकार को उसकी मान्यता रद्द करनी चाहिए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पीडि़त परिवार के सदस्यों को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाए जाने और उन पर दबाब नहीं बनाए जाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि इंद्रकुमार के परिजनों को ५० लाख रुपए की मुआवजा राशि के साथ परिवार के दो सदस्यों को नौकरी दी जाए। छात्रों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानती उनका धरना जारी रहेगा।