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सीबीएसई स्कूलों की तैयारी, बुक्स की करेंगे होम डिलीवरी

- करेंगे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

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सीबीएसई स्कूलों की तैयारी, बुक्स की करेंगे होम डिलीवरी

सीबीएसई स्कूलों की तैयारी, बुक्स की करेंगे होम डिलीवरी

जयपुर. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से जुड़े कुछ निजी स्कूल्स बुक्स की होम डिलिवरी करेंगे। विद्यार्थियेां के घर मंगलवार या बुधवार से बुक पहुंचना शुरू हो जाएंगी। कई स्कूल संचालकों ने बुक्स पहुंचाने के लिए पास बनवा लिए हैं। स्कूलों में ऑनलाइन सत्र की शुरुआत हो चुकी है, विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है, लेकिन किताबें उपलब्ध न होने से विद्यार्थियों को समस्याएं हो रही हैं। स्कूल संचालकों का कहना है कि किताबें स्कूल्स में रखी हुई हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते इन्हें बच्चों तक नहीं पहुंचाया जा सका है। हालांकि सरकार ने इजाजत दी है, लेकिन इसके बारे में स्पष्ट आदेश नहीं हैं। इसलिए विद्यार्थियों तक किताबों की पहुंच नहीं हो पा रही है। सोसायटी ऑफ अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष दामोदर गोयल ने बताया कि चौड़ा रास्ता या अन्य जगहों से मिलने वाली किताबें दुकानें नहीं खुलने की वजह से परिजनों को नहीं मिल पा रही हैं। अब स्कूल संचालक स्कूल कैम्पस में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किताबें दिलवा सकते हैं।

दूर रख देंगे किताबें, बॉक्स में लेंगे पेमेंट

वॉरेन एकेडमी स्कूल के निदेशक अमित सोगानी का कहना है कि करीब तीन हजार बच्चों के घर होम डिलीवरी के जरिए पुस्तकें पहुंचाएंगे। प्रशासन से इसकी इजाजत ले ली गई है। वैन में दो जने रहेंगे। जो रूट बनाकर होम डिलीवरी करेंगे। छह फीट की दूरी, मास्क, दस्ताने, सेनिटाइजर जरूरी होगा। वे किताबें दूर रखकर आएंगे। पेमेंट के लिए एक बॉक्स देंगे। सीबीएसई शिक्षक संजय पाराशर का कहना है कि एनसीईआरटी का सिलेबस विद्यार्थी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थियों को ऑनलाइन स्टडी मेटेरियल दे दिया गया है। कैम्ब्रिज कोर्ट स्कूल की डायरेक्टर लता रावत का कहना है कि कोविड 19 की एडवाइजरी में ये भी है कि स्कूल परिसर में भीड़ न करें। इसलिए होम डिलिवरी के जरिए ही किताबें पहुंचाने की कवायद की जा रही है। बच्चों को किताबों का अभाव महसूस हो रहा है। किताबें पहुंचने से उन्हें सहूलियत होगी और उनका स्क्रीन टाइम कम हो जाएगा।