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सीमेंट उद्योग खो रहा सबसे कीमती सीजन, अब राहत की आस

लॉकडाउन: देश के सबसे बड़े सीमेंट उत्पादक राजस्थान में सीमेंट प्लांट ठप जयपुर . कोरोना लॉकडाउन से देश के सबसे बड़े सीमेंट उत्पादक राजस्थान में इस उद्योग की सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली पहली तिमाही पर संकट के बादल छा गए हैं। जानकारों का कहना है कि बीते वित्तीय वर्ष के महत्वपूर्ण अंतिम दस दिन पहले ही लॉक डाउन की भेंट चढ़ गए। अब यदि ये लंबा चलता है तो सर्वाधिक मांग वाली नए वर्ष की पहली तिमाही भी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहेगी। हालांकि उद्योगपतियों की इस चिंता के बीच राहत की खबर यह है कि सतत प्रक्र

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cement prices get hike in rajasthan with starting of year 2020

नए कार्य शुरू होने की संभावना के चलते सीमेंट कंपनियों ने बढ़ा दिए भाव, दो बार बढ़ गईं कीमतें


सीमेंट उत्पादक कम्पनियों की भी यही मांग है कि सरकार को प्रदेश की माली हालात और अर्थव्यवस्था के संतुलन के लिए एहतियाती उपायों के साथ सीमेंट उद्योग को फिर से शुरू करना चाहिए। प्रदेश में हर साल सीमेंट की कुल बाजार मांग औसतन करीब 21 मिलियन टन है। फरवरी तक यह 19.91 मि.टन पहुंच गई थी। बाजार को देखते हुए उत्पादक बीते वित्तीय वर्ष में 21.75 मिलियन टन तक पहुंचने की आशा जता रहे थे।
अगली तिमाही रहेगी कमजोर
सीमेंट उत्पादन के जानकारों का मानना है कि इस उद्योग में बारिश का सीजन यानी दूसरी तिमाही बिक्री के लिहाज से कमजोर रहती है। ऐसे में वित्तीय वर्ष के अगले छह महीनों में अप्रेल से लेकर जून तक के तीन महीने ही सबसे महत्वपूर्ण है। इन छह महीनों में प्रदेश में औसतन 9 मिलियन टन की मांग मानें तो करीब 5.50 मिलियन टन बिक्री शुरुआती तीन महीनों में होती है। मौजूदा हालात और लॉकडाउन पर बने संशय के चलते अब इसी तिमाही पर संकट आ गया है।
इस सेक्टर को जल्द शुरू करना चाहिए
लॉकडाउन बढऩे से प्रदेश में 2020—21 की महत्वपूर्ण पहली तिमाही में भी सीमेंट उद्योग का संकट और गहरा गया है। सरकार को जल्द ही गाइडलाइंस के साथ सीमेंट सेक्टर को फिर शुरू करने के उपाय करने चाहिए।
संजय मेहता, प्रेसिडेंट (कमर्शियल) श्री सीमेंट

इकाइयों से बातचीत हो रही है
लगातार सीमेंट उत्पादक इकाइयों से बातचीत हो रही है। अगले एक दो दिन में इन्हें शुरू करने के बारे में सरकार निर्णय कर सकती है।
डॉ.सुबोध अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग