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सेंट्रल लाइब्रेरी: 2 सरकार 5 कुलपति बदले, 12 करोड़ में बनी लाइब्रेरी…फिर भी अधूरी, छात्रों ने बताई अपनी पीड़ा

राजस्थान विश्वविद्यालय में 12 करोड़ की लागत से स्टूडेंट्स को स्मार्ट बनाने के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी को ‘स्मार्ट’ बनाने की दो बार तैयारी की गई। लेकिन ये लाइब्रेरी उद्घाटन के एक साल बाद भी स्मार्ट नहीं बन पाई है।

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जयपुर

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Nupur Sharma

Dec 15, 2023

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आरिफ खान
राजस्थान विश्वविद्यालय में 12 करोड़ की लागत से स्टूडेंट्स को स्मार्ट बनाने के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी को ‘स्मार्ट’ बनाने की दो बार तैयारी की गई। लेकिन ये लाइब्रेरी उद्घाटन के एक साल बाद भी स्मार्ट नहीं बन पाई है। पूर्व की गहलोत सरकार ने दावा किया गया था कि इस लाइब्रेरी में 1000 स्टूडेंट्स के बैठने की व्यवस्था की जाएगा, लेकिन यहां अभी स्टूडेंट्स के बैठने की सुविधा एक कमरे में है। इसमें भी 100 से 120 सीटें ही हैं। पूरी लाइब्रेरी में गंदगी पसरी हुई है। पत्रिका प्लस के माध्यम से स्टेडेंट्स ने नई सरकार से लाइब्रेरी की सुध लेने की गुहार लगाई है।

छात्रों ने बताई अपनी पीड़ा
छात्र अजय सैनी ने बताया कि जब ग्रेजुएशन के लिए राजस्थान कॉलेज में थे, तब डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की कवायद शुरू हुई थी। लेकिन लाइब्रेरी का काम अधूरा ही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक कमरा खोलकर खानापूर्ति कर ली। लेकिन यहां पर किसी तरह की व्यवस्था और सुरक्षा नहीं है। आलम ये है कि लाइब्रेरी की बात सुनते ही जेहन में किताबों का एक कमरा आ जाता है। वहीं छात्रा अंजू ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी का जो सपना पिछली सरकार ने दिखाया था, वह अभी तक भी सपना ही बना हुआ है। क्योंकि लाइब्रेरी का उद्घाटन तो हो गया, लेकिन यहां फर्नीचर कमरों में धूल खा रहे हैं। छात्र साजिद खान ने बताया कि इस लाइब्रेरी को खोलकर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। यहां पर्याप्त किताबें तक मौजूद नहीं हैं। हर जगह गंदगी पसरी हुई है। लाइब्रेरी सुबह 9 बजे खोलते हैं और शाम 6 बजे बंद कर देते हैं। ऐसे में देर रात पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी का कोई फायदा नहीं।

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बस शिलान्यास की जल्दी, काम अधूरा
7 जुलाई, 2016 को राजस्थान विश्वविद्यालय में तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ और कुलपति जेपी सिंघल ने स्मार्ट लाइब्रेरी का शिलान्यास किया था। तब से दो सरकार बदल चुकी है। इतना ही नहीं, चार शिक्षा मंत्री और पांच कुलपति भी बदल चुके हैं। लेकिन राजस्थान यूनिवर्सिटी की ‘स्मार्ट लाइब्रेरी’ का सपना अब भी सपना ही बना हुआ है। पिछली सरकार में भी उद्घाटन के समय कई वादे किए गए थे, लेकिन वे सभी कागजों तक ही सीमित रह गए, हकीकत में नहीं बदल सके।

स्टूडेंट्स को अब नई सरकार से उम्मीद
एनएसयूआई के जयपुर जिला प्रवक्ता इब्राहिम नागौरी ने बताया कि लाइब्रेरी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। जबकि पूर्व सरकार में मुख्यमंत्री गहलोत ने इसके उद्घाटन के समय वादा किया था कि वह इसे स्मार्ट लाइब्रेरी बनाएंगे। साथ ही पांच हजार से ज्यादा किताबें भी दी जाएंगी। दोनों ही वादे अब तक अधूरे हैं। अब यहां के स्टूडेंट्स को नई सरकार से उम्मीदें हैं।