7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को करना होगा ये काम, मिलेंगे क्रेडिट अंक

इस कार्यक्रम के लिए विद्यार्थियों को प्रचार—प्रसार भी करना होगा...

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Dinesh Saini

Mar 28, 2018

students

students

जयपुर। स्वच्छ भारत अभियान में अब देशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी भी भाग लेंगे। इसके लिए ग्रीष्मकालीन सत्र से ‘च्वॉइस बेसड केड्रिट सिस्टम’ के तहत वैकल्पिक पाठयक्रम भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए हाल ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सभी विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर्स, कॉलेज व अन्य संस्थाओं के डायरेक्टर्स और प्रिंसिपल्स के आदेश जारी किए हैं। यूजीसी की ओर से जारी पत्र के अनुसार वैकल्पिक पाठ्यक्रम के रूप में यह देशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में इसी साल से शामिल किया जाएगा। पत्र में उल्लेख है कि इन प्रयासों से देशभर में छात्रों को भारतीय ग्रामीण जीवन संदर्भ में काफी कुछ सीखने का अवसर मिलेगा।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शैक्षिक संस्थानों के लिए च्वॉइस बेसड केड्रिट सिस्टम के आधार पर वैकल्पिक पाठयक्रम शुरू करने का अनुमोदन किया है। यह देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में इसी साल से शुरू होगा। इस कार्यक्रम के लिए विद्यार्थियों को प्रचार—प्रसार भी करना होगा।

मिलेंगे क्रेडिट अंक
इंटर्नशिप के तहत विद्यार्थियों को गांवों और कच्ची बस्तियों में भेजा जाएगा। जिससे उन्हें सिस्टम को सुधारने में मदद मिलेगी। वे वहां जाकर स्वच्छता और सेनिटेशन के सिस्टम को सुधारने में ग्रामीणों की मदद करेंगे। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को वैकल्पिक विषयों की तरह ही इंटरनल एसेसमेंट के 2 क्रेडिट अंक भी दिए जाएंगे। यह विश्वविद्यालय अपने स्तर पर तय करेंगे। हाल ही मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय, उदयपुर ने इस संबंध में आदेश भी जारी किए हैं।

स्टूडेंट्स को भेजा जाएगा गांवों और बस्तियों में
इस योजना के तहत विद्यार्थियों को 15 दिन की इंटर्नशिप करनी होगी। यह 100 घंटे की इंटर्नशिप ग्रीष्मकालीन होगी। यूजीसी का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। इंटर्नशिप में विद्यार्थियों को गांवों और कच्ची ?बस्तियों में भेजा जाएगा। वे वहां जाकर वहां के सेनिटेशन सिस्टम को सुधारने में हर संभव मदद करेंगें। इसकी उन्हें रिपोर्ट भी तैयार करनी होगी।

स्वच्छ भारत अभियान में सभी की सहभागिता हो इसी के तहत यूजीसी ने यह आदेश जारी किया है। हमारे पास राजभवन से भी पत्र आया है। इसे अनिवार्य रूप से इसी साल से शुरू किया जाएगा।
- प्रो.जेपी शर्मा, कुलपति, मोहनलाल सु?खाडिय़ा विश्वविद्यालय, उदयपुर