
Chairman पाराशर ने ली जन अभियोग निराकरण समिति की बैठक
जयपुर। राज्य स्तरीय जन अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष पुखराज पाराशर की अध्यक्षता में आज समिति की पहली बैठक योजना भवन में आयोजित की गई। पाराशर ने संपर्क पोर्टल पर आने वाली लंबित शिकायतों को तेजी से निपटारा कर जनता को राहत देने के निर्देश दिए। पाराशर ने बताया कि जिलों में भी जन सुनवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि किसी भी फरियादी की शिकायत दूर करने में कोई लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। पाराशर ने बताया कि सीएम अशोक गहलोत ने जनहित और विकास के कामों को पहली प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं और सभी को इसे 100 प्रतिशत पूरा करना है। पाराशर हाल ही में टोंक के मालपुरा गए थे और वहां पर भी जन सुनवाई कर लोगों की समस्याओं को सुनकर उसे दूर करने के निर्देश दिए थे।
बैठक में समिति के अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आकांक्षाओं के अनुरूप यह समिति गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और सरकारी सेवाओं के त्वरित डिलीवरी को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों से अपेक्षा है कि वे पूर्ण संवेदनशील होकर मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हर व्यक्ति तक सरकारी मदद की पहुंच सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आमजन को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को विभिन्न माध्यमों से जांचा और परखा जाए और सेवा में कमी होने पर बिना विलंब समस्याओं का हल किया जाना चाहिए।
त्रिस्तरीय जनसुनवाई व्यवस्था से किया जा रहा है समस्याओं का समाधान-
पाराशर ने कहा कि आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए मई 2022 से प्रदेश भर में सुदृढ़ त्रिस्तरीय जनसुनवाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से आमजन की परिवेदनाओं के प्रभावी निस्तारण के लिए ग्राम पंचायत, उपखंड एवं जिला स्तर पर ही जनसुनवाई की प्रभावी व्यवस्था कायम हुई है और अब आमजन को छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिलों या राजधानी तक पहुंचने के लिए अनावश्यक समय एवं धनराशि खर्च नहीं करनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि बेहतर सर्विस डिलीवरी एवं गुड गवर्नेंस को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक माह के प्रथम द्वितीय एवं तृतीय गुरुवार को जनसुनवाई का आयोजन ग्राम पंचायत, उपखंड तथा जिला स्तरीय मुख्यालयों पर किया जा रहा है। इन शिविरों में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं तथा उच्च अधिकारी नियमित पर्यवेक्षण तथा मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
परिवेदना निस्तारण की दर लगभग 90 प्रतिशत-
इस अवसर पर पाराशर ने बताया कि मई 2022 से प्रारंभ हुई त्रिस्तरीय व्यवस्था में ग्राम पंचायतों से कुल 99 हजार 078 परिवेदनाएं दर्ज की गईं, जिसमें से 81 हजार 245( 82 प्रतिशत) परिवेदनाओं का निस्तारण किया जा चुका है। वहीं उपखंड स्तर पर दर्ज 19 हजार 879 प्रकरणों में से 18 हजार 644 (93.79 प्रतिशत) प्रकरणों का और जिला स्तर पर 9 हजार 763 प्रकरणों में से 8 हजार 417( 86.21 प्रतिशत) प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि खास बात यह है कि शिकायतों के निस्तारण में संतुष्टि स्तर भी 91ः है जो यह दर्शाता है कि समस्याओं का समाधान पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है।
बैठक में समिति के सदस्य राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने कहा कि जनसुनवाई का सबसे निचला स्तर ग्राम पंचायत है और प्राप्त शिकायतों के सुचारू व निष्पक्ष निष्पादन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समिति अपने कार्यों को निचले स्तर तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में उठाए जाने वाले मुद्दे समिति के माध्यम से यदि मेरे संज्ञान में लाए जाते हैं तो मैं उन्हें राज्यसभा में रखूंगा।
जन अभियोग निराकरण विभाग के प्रमुख शासन सचिव आलोक गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार के संवेदनशील, जवाबदेही व पारदर्शी सुशासन के उद्देश्य को पूरा करना समिति की प्रथम आवश्यकता है। बैठक में निदेशक पब्लिक सर्विसेज जन अभियोग निराकरण विभाग डॉ ओम प्रकाश बैरवा ने जन अभियोग निराकरण समिति के सदस्यों की जानकारी व कार्यों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। साथ ही राजस्थान संपर्क पोर्टल तथा श्राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी एवं जवाबदेही अधिनियम 2022 के संबंध में भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि उक्त अधिनियम के प्रारूप में संशोधन के लिए आमजन अपने सुझाव पोर्टल के माध्यम से 9 अक्टूबर तक दे सकते हैं। बैठक को समिति सदस्य एवं जोधपुर विधायक मनीषा पंवार ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने समिति के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव भी दिए। कार्यक्रम के प्रारंभ में पुष्पगुच्छ द्वारा समिति के सदस्यों का स्वागत किया गया। बैठक में समिति के सदस्य जिला प्रमुख दौसा हीरालाल सैनी, अजय त्रिवेदी, राजेश गुप्ता, रामजीलाल शर्मा, ललित बोरीवाल, अनीता मीणा, जगदीश नारायण शर्मा, डॉ भवी मीणा, सुरेश सुथार, शारदा रोत,भंवर मेघवंशी, शंकर डंगायच शब्बीर अहमद तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
Updated on:
14 Oct 2022 06:07 pm
Published on:
14 Oct 2022 02:26 pm
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