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Chaitra Navratri 2023: सौर मंडल के मंत्रिमंडल में हुआ बदलाव, राजा बने बुध और मंत्री शुक्र देव .. खड़ा हुआ बड़ा खतरा

ब्रह्म योग व शुक्ल योग में शुरू हुआ नव संवत्सर - 2080, शहर के मंदिरों में ठाकुरजी के दर्शनों के भक्तों की भीड़

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Chaitra Navratri 2023: सौर मंडल के मंत्रीमंडल में हुआ बदलाव, राजा बने बुध और मंत्री शुक्र देव .. खड़ा हुआ बड़ा खतरा

Chaitra Navratri 2023: सौर मंडल के मंत्रीमंडल में हुआ बदलाव, राजा बने बुध और मंत्री शुक्र देव .. खड़ा हुआ बड़ा खतरा

जयपुर। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर बुधवार को ब्रह्म योग व शुक्ल योग में भारतीय नव संवत्सर 2080 का आगाज हुआ। तीन साल बाद बुधवार को नवसंवत्सर की शुरुआत हुई। नवसंवत्सर के साथ ही सौर मंडल के मंत्रीमंडल में बदलाव भी हुआ। नवसंवत्सर के राजा यानी राष्ट्रपति बुध बन गए है, वहीं शुक्र ग्रह सौर मंडल के मंत्री यानी प्रधानमंत्री बने।

ज्योतिषाचार्य डॉ रवि शर्मा ने बताया कि नवसंवत्सर पिंगल नामक है। विक्रम् संवत् 2080 का प्रवेश वृश्चिक लग्न में हुआ है। ऐसे में आर्थिक मन्दी का दौर बनने से विश्व के कई देशों की अर्थव्यवस्था चौपट होगी। महंगाई, भ्रष्टाचार, भूकम्प, प्राकृतिक प्रकोप, राजनैतिक अस्थिरता से जनता त्रस्त होगी। संवत्सर में वर्षा व अनाज की दृष्टि से मध्यम फलदाय रहेगा। इस वर्ष श्रावण मास अधिकमास रहेगा, ऐसे में वर्षा की अधिकता व बाढ़ से जनजीवन में अव्यवस्था रहेगी।

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सौरमंडल का मंत्रीमंडल
राजा (राष्ट्रपति) — बुध
मंत्री (प्रधानमंत्री) — शुक्र
सस्येश (खाद्य मंत्री) — सूर्य देव
धान्येश (खाद्य मंत्री) — शनि देव
मेघेश (जल मंत्री) — गुरु
रसेस (कृषि मंत्री) — मंगल
नीरसेश (उद्योग व वाणिज्य मंत्री) — सूर्य
फलेश (उद्यान मंत्री) — गुरु
धनेश (वित्त मंत्री) — सूर्य
दुर्गेश (गृह व रक्षा मंत्री) — गुरु


नव संवत्सर का स्वागत
भारतीय नव संवत्सर—2080 के आगाज के साथ ही मंदिरों में ठाकुरजी को नव संवत्सर का पंचांग पढ़कर सुनाया जा रहा है। मंगला झांकी में शंख आदि की मंगल ध्वनी सुनाई दे रही है। जगह—जगह श्रद्धालुओं के तिलक कर और रक्षा सूत्र बांधकर नव विक्रमी संवत्सर की शुभकामनाएं दी जा रही है।