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Navratri Ghatsthapna Muhurat: चैत्र नवरात्र मंगलवार से, ये है श्रेष्ठ मुहूर्त

Chaitra Navratri 2024 Ghatsthapna Muhurat: शक्ति की भक्ति रहेगी परवान पर, 50 मिनट का सबसे सर्वश्रेष्ठ घटस्थापना का मुहूर्त, नौ दिन चलेगी मां की अखंड ज्योति, जयपुर शहर की देवी के मंदिरों में भक्तों की आस्था रहेगी परवान पर

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Navratri Ghatsthapna Muhurat

Navratri Ghatsthapna Muhurat: आदिशक्ति की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्र का ये है श्रेष्ठ मुहूर्त

आदिशक्ति की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्र की शुरुआत विशेष योग संयोगों में मंगलवार से होगी। इसके साथ ही हिन्दू नवसंवत्सर-2081 की शुरुआत भी होगी। अगले नौ दिन देवी उपासना के लिए खास रहेंगे। कालयुक्त संवत्सर रेवती-अश्विनी नक्षत्र, वैधृति योग, सर्वार्थसिद्धि, कुमार योग, अमृतसिद्धि योग में शुरू होगा। मुख्य मार्ग, चौराहे भगवा पताका से सजे नजर आएंगे। मंदिरों में आज सुबह शंख-घंटा, घडियाल बजाकर महाआरती की जाएगी। ठाकुर जी का अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कराकर नवीन पंचांग पढ़कर सुनाया जाएगा।

आमेर रोड शिला माता मंदिर, स्थित मनसा माता मंदिर, दुर्गामाता मंदिर, कालक्या माता मंदिर, राजपार्क वैष्णोदेवी माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में कई कार्यक्रम होंगे। खरीददारी के चलते बाजार में ग्राहकों की रौनक दिखने के साथ ही धनवर्षा होगी। वाहन, प्रापर्टी सहित नवीन कार्य शुरू करने के लिए नौ दिन बेहतर रहेंगे।


50 मिनट का सबसे सर्वश्रेष्ठ घटस्थापना का मुहूर्त
घटस्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहुर्त अभिजीत समय में 12.04 बजे से 12.54 बजे मिनट तक रहेगा। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। देवी का आगमन अश्व पर होगा, प्रस्थान हाथी पर होगा। ज्योतिषाचार्य पं.घनश्याम लाल स्वर्णकार ने बताया कि यह नवरात्र सभी जातकों के लिए सिद्धिदायक रहेगा। खरीदारी के लिए पूरे नो दिन शुभ योग रहेंगे। आमेर स्थित शिला माता मंदिर में पुजारी बनवारी लाल शर्मा के सान्निध्य में दोपहर 12.05 बजे अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना होगी। दर्शन का समय सुबह 6:00 से 12:30 बजे तक ओर शाम को 4:00 से 8:30 बजे तक रहेगा।

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