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राजस्थान में भारी बारिश: डरा रही चंबल नदी, खतरे के निशान को किया पार, 80 गांवों में रेड अलर्ट

राजस्थान के कोटा संभाग में पिछले दो दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। कोटा बैराज के 16 गेट खोल कर करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण धौलपुर में चंबल नदी में बाढ़ की आशंका है।

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Chambal river flowing above danger mark in Rajasthan

राजस्थान के कोटा संभाग में पिछले दो दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। कोटा बैराज के 16 गेट खोल कर करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण धौलपुर में चंबल नदी में बाढ़ की आशंका है। चम्बल नदी का जलस्तर मंगलवार शाम तक 141 मीटर पहुंचने की आशंका है। चंबल के बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सेना बुला ली है । राजाखेड़ा क्षेत्र में सेना की टुकड़ी कैंप करेगी। ADM सुदर्शन सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि चंबल नदी खतरे के निशान से 7 मीटर ऊपर बह रही है ।

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कोटा बैराज के 16 गेट खोलकर 4 लाख 83 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई है। चंबल नदी में जल स्तर बढ़ने से सरमथुरा, बाड़ी, धौलपुर, राजाखेड़ा के करीब 80 गांवों से अधिक गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल ने सभी अधिकारियों को बाढ़ आशंकित निचले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए लोगों एवं पशुओं को तत्काल सुरक्षित स्थल तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उनके भोजन व अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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बता दें, चंबल में चेतावनी कर स्तर 129.79 मीटर तथा खतरे का निशान 130.79 मीटर पर है। पिछले दिनों चंबल का जलस्तर 136 मीटर से ऊपर चला गया था। तब राजाखेड़ा और सरमथुरा क्षेत्र के कई गांवों का सम्पर्क कट गया था। सोमवार रात चंबल का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। शाम को दो घंटे में ही जलस्तर करीब एक मीटर बढ़ गया।

सोमवार शाम छह बजे जलस्तर 125.60 मीटर पर था। दो घंटे बाद रात आठ बजे चंबल का जलस्तर 128.50 मीटर पर पहुंच गया था। जिले में चम्बल किनारे स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। बाढ़ की आशंका को देखते राहत एवं बचाव कार्य के लिए एक अतिरिक्त एसडीआरएफ टीम तैनात की जाएगी। उन्होंने समस्त उपखंड अधिकारियों तथा विकास अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति में राहत बचाव कार्य के लिए आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।