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Chandpole bazar: राजस्थान का पहला अतिक्रमण मुक्त बाजार है चांदपोल

सड़कों, बरामदों पर अतिक्रमण की बाढ़ ( encroachment on roads ) और डिवाइडरों पर आवारा पशुओं की भरमार। यहां तक की नो वैंडिंग जोन में थड़ी-ठेलों की लाइन। कुछ दिनों पहले तक कुछ ऐसी स्थिति थी वर्ल्ड हेरिटेज सिटी ( World Heritage City ) में शामिल जयपुर के चांदपोल बाजार ( Chandpole bazar ) की। चांदपोल से लेकर छोटी चौपड़ तक बेतरतीब वाहनों की पार्किंग से पूरे दिन जाम देखने को मिलता था।

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Chandpole bazar: राजस्थान का पहला अतिक्रमण मुक्त बाजार है चांदपोल

Chandpole bazar: राजस्थान का पहला अतिक्रमण मुक्त बाजार है चांदपोल

सड़कों, बरामदों पर अतिक्रमण की बाढ़ ( encroachment on roads ) और डिवाइडरों पर आवारा पशुओं की भरमार। यहां तक की नो वैंडिंग जोन में थड़ी-ठेलों की लाइन। कुछ दिनों पहले तक कुछ ऐसी स्थिति थी वर्ल्ड हेरिटेज सिटी ( World Heritage City ) में शामिल जयपुर के चांदपोल बाजार ( Chandpole bazar ) की। चांदपोल से लेकर छोटी चौपड़ तक बेतरतीब वाहनों की पार्किंग से पूरे दिन जाम देखने को मिलता था। लेकिन, अब हालात बदल गए है। चांदपोल बाजार में ना तो बेतरतीब वाहनों की पार्किंग दिखती है और ना ही थड़ी-ठेलों की लाइन। चांदपोल बाजार व्यापार मंडल के प्रयासों से अब बरामदे अतिक्रमण मुक्त है। दुकानों के आगे दुकानदारों ने सामान रखना बंद कर दिया हैं, जिससे पैदल चलने वाले राहगीरों का चलना आसान हो गया है। पहले लोगों ने कपड़ों, जूते-चप्पलों के ठेले लगाकर अतिक्रमण कर रखे थे। इन अतिक्रमणों से लोगों का बचकर निकलना जोखिम भरा रहता था। सड़कों पर मनमर्जी से दो पहिया और चौपहिया वाहनों को खड़ा कर दिए जाता था, जिससे हर समय यातायात प्रभावित रहता है। यह एक दो दिन की बात नहीं बल्कि रोज ही यह स्थिति थी। चांदपोल बाजार से छोटी चौपड़ तक ई-रिक्शा सरपट दौड़ते हुए नजर आ जाते हैं। जहां मन करता है, वहीं रिक्शा रोक सवारियों को बुलाना शुरू कर देते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है।

बरामदों में नहीं थी जगह, सड़क के सिवाय कुछ बचता नहीं
छोटी चौपड़ से लेकर चांदपोल तक बाजार में बरामदों पर अतिक्रमण के कारण लोग सड़क पर चल रहे थे। थड़ी ठेले वालों का इस कदर अतिक्रमण रहता था कि बड़े वाहन घंटो तक रेंगते रहते थे। चांदपोल बाजार के दुकानदारों का कहना है कि कुछ दिनों पहले जाम लगने से दुकानदारों के साथ ही खरीदारी के लिए आने वाले लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। गाड़ियों से निकलने वाला धूआं तो दूसरी ओर गाड़िया चलने से उड़ने वाली धूल लोगों को बीमार कर रही थी।

बाजार की विशेषता:
1. बाजार से जुड़े सिंधी कैंप रेलवे स्टेशन
2. कपड़ों का बहुत बड़ा मार्केट खजाने वालों का रास्ता जुड़ा हुआ
3. मूर्तियों बनाने का बाजार जुड़ा हुआ
4. हाथ से कढ़ाई करने वाले पुराने सुनार की दुकान
5. चाय का होलसेल बाजार
6. ड्राई फ्रूट का होलसेल बाजार
7. मनिहारी समानों का होलसेल बाजार

बाजार की मुख्य समस्या
ई-रिक्शा वाहनों की भीड़, बेतरतीब पार्किंग, खरीदारी करने आए लोगों के लिए शौचालय और पानी की समस्या

चांदपोल बाजार से छोटी चौपड़ तक दुकानों के बरामदों पर अतिक्रमण हटा दिए गए है। प्रशासन से यह आग्रह है कि अतिक्रमण ना हो इसके लिए व्यापारी सरकार के साथ है, लेकिन सरकार को इसकी पूख्ता इंतजाम करने होंगे। बाजारों व बरामदों को साफ-सुथरे रखने की भी कोई योजना बनानी चाहिए ताकि सड़कों पर यातायात को चलने में दिक्कत ना आए। यातायात प्रभावित रहता है। इन समस्यओं की ओर ध्यान देकर इनमें और सुधार की जरूरत है। -सुभाष गोयल, अध्यक्ष, चांदपोल बाजार व्यापार मंडल

यहां सबसे ज्यादा समस्या ई-रिक्शा से हो रही है। इसे चलाने वाले कहीं भी और कभी भी कहा कट मारे कोई पता नहीं चलता। सड़कों पर वाहन चालक गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात प्रभावित रहता है। खजाने वालों का रास्ता पर नोन वेंडिंग जोन का बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन बावजूद इसके थड़ी-ठेले वाले अतिक्रमण कर लेते हैं। सड़क पर किए गए अस्थाई अतिक्रमण हटाने की लगातार कार्रवाई करने पर ही अतिक्रमण रुकेगा। ताकि लोगों को पार्किंग मिल सके। चांदपोल के व्यापारी इसमें सहयोग करने के लिए तैयार है। —घनश्याम भूतड़ा, महामंत्री, चांदपोल बाजार व्यापार मंडल

साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। जहां पहले साफ-सफाई रोजाना होती थी। वहीं वर्तमान में स्थिति खराब हुई है। जाम की स्थिति के कारण राहगीरों के आमजन भी आए दिन परेशान होता रहता है। इन समस्याओं का समाधान जरूरी है। कैमरे, हाईमास्ट लाइट की भी आवश्यकता है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सामने डस्टबिन लगवाने तथा पॉलिथीन का उपयोग रोकने एवं गंदगी न फैलाने के लिये व्यापारियों से समझाइश भी की गई है।— रामकिशन टेकरीवाल, कोषाध्यक्ष, चांदपोल बाजार व्यापार मंडल