
लीड
कोलकाता. सियालदह स्टेशन पर पिछले एक साल में यात्री सुविधाओं और स्टेशन संचालन में कई बदलाव किए गए हैं। कभी केवल नॉर्थ, मेन और साउथ जैसे तीन पारंपरिक प्रवेश-निकास द्वारों से यात्रियों की आवाजाही संभालने वाला सियालदह स्टेशन अब अतिरिक्त प्रवेश व्यवस्था के साथ भीड़ को अलग-अलग दिशाओं में बांटने की कोशिश कर रहा है। स्टेशन में प्रवेश से लेकर ट्रेन की जानकारी हासिल करने और टिकट लेने तक की प्रक्रिया को एक ही जगह पर अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश हुई है। यात्रियों की एक पुरानी परेशानी प्लेटफॉर्म को लेकर भी रही है। ट्रेन आने से ठीक पहले प्लेटफॉर्म बदलने की स्थिति में यात्रियों को भीड़ के बीच भागना पड़ता है। इस समस्या को कम करने के लिए सियालदह स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नॉमिनेशन सिस्टम शुरू किया गया है। इसके तहत अलग-अलग ट्रेन रूट के लिए निर्धारित प्लेटफॉर्म तय किए गए हैं। इससे यात्रियों को पहले से यह जानकारी मिल सकेगी कि उनकी ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर आएगी।
चौथे प्रवेश द्वार के रूप में प्रफुल्ल द्वार शुरू
इसी कड़ी में स्टेशन के तीन पुराने प्रवेश बिंदुओं पर पड़ने वाले दबाव को कम करने और यात्रियों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करने के लिए प्रफुल्ल द्वार को चौथे प्रवेश द्वार के रूप में शुरू किया गया है। लंबी दूरी के यात्रियों के लिए स्टेशन पर नया सेंट्रल गेट एक और महत्वपूर्ण बदलाव है। यह गेट खास तौर पर मेल और एक्सप्रेस यात्रियों के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों को ड्रॉप-ऑफ प्वाइंट से सीधे संबंधित प्लेटफॉर्म तक पहुंचने की सुविधा देना है जिससे स्टेशन के भीतर अनावश्यक भीड़ और इधर-उधर की आवाजाही कम हो। सेंट्रल गेट पर एटीवीएम की सुविधा भी दी गई है। इससे अनारक्षित यात्रियों को तत्काल टिकट लेने का विकल्प मिलेगा। गेट के बाहर पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ जोन को भी व्यवस्थित किया गया है। आने वाले समय में ऐप आधारित कैब कनेक्टिविटी की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे स्टेशन से अंतिम गंतव्य तक पहुंचना आसान हो सकेगा।
बदलाव की कड़ी एसी लोकल ट्रेनें
उपनगरीय यात्रियों के लिए बदलाव की एक और बड़ी कड़ी एसी लोकल ट्रेनें हैं। पूर्व रेलवे में पहली बार सियालदह मंडल में एसी लोकल सेवाएं शुरू की गई हैं। रानाघाट, रानाघाट के रास्ते बनगांव और बारासात जैसे व्यस्त मार्गों पर इन सेवाओं के विस्तार के साथ यात्रियों को गर्मी और भीड़ के बीच अपेक्षाकृत आरामदायक सफर का विकल्प मिला है। कल्याणी विश्वविद्यालय के छात्रों और कल्याणी एम्स जाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों तथा यात्रियों को ध्यान में रखकर भी एसी लोकल सेवाएं दी गई हैं। वहीं मायापुर के इस्कॉन मंदिर जाने वाले स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं के लिए भी एसी लोकल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है। सियालदह मंडल ने उपनगरीय सेवाओं से आगे बढ़ते हुए यात्री ट्रेनों का विस्तार भी किया है। मंडल ने 68 नई यात्री ट्रेनें, 613 अतिरिक्त ईएमयू ट्रिप और 1035 अतिरिक्त मेल/एक्सप्रेस (टीओडी) ट्रिप शुरू की हैं। 26 मौजूदा सेवाओं का विस्तार किया गया है और सियालदह से सीधे शुरू होने वाली दो नई मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें भी जोड़ी गई हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्वरूप में भी बदलाव
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सियालदह स्टेशन के स्वरूप में भी बदलाव किया गया है। स्टेशन का अग्रभाग आधुनिक रूप दिया गया है और आंखों को सुकून देने वाली रोशनी के साथ इसकी वास्तुकला को उभारने की कोशिश की गई है। स्टेशन के बाहर वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लेन आधारित ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। स्वच्छता के मोर्चे पर आधुनिक पे-एंड-यूज शौचालय परिसर की सुविधा जल्द उपलब्ध होने वाली है। इसके अलावा डिजिटल लगेज लॉकर सिस्टम यानी डिजी लॉकर सुविधा शुरू की गई है। पूरी तरह डिजिटल और ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए यात्रियों को सामान सुरक्षित रखने की सुविधा देने के साथ पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। स्टेशन परिसर में यात्रियों के अनुभव को अलग रूप देने के लिए डबल डेकर फूड ऑन व्हील्स रेस्तरां भी शुरू किया गया है।
स्टेशन पहुंचने से लेकर गंतव्य तक हर यात्री को महत्व और सुविधा का अहसास कराना लक्ष्य है। एसी लोकल से लेकर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और सेंट्रल गेट तक, हर पहल का केंद्र यात्री सुविधा, सुरक्षा और आधुनिक जरूरतें हैं। 10 लाख से अधिक यात्रियों की रोजाना आवाजाही वाले सियालदह जैसे स्टेशन में बदलाव नई सुविधाओं के साथ साथ उस चुनौती का जवाब भी है जिसमें लाखों यात्रियों को हर दिन कम समय, कम भीड़ और अधिक सुविधा के साथ उनकी मंजिल तक पहुंचाना है।
राजीव सक्सेना, मंडल रेल प्रबंधक - सियालदह
Updated on:
12 Aug 2026 06:01 am
Published on:
12 Aug 2026 06:01 am
