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प्रदेशभर में प्रसिद्ध है चौमूं की बर्फी-नमकीन, सालों से इसके स्वाद के दीवाने हैं लोग; क्या है खासियत? जानें

राजस्थान के चौमूं की बर्फी-नमकीन क्षेत्र के लोगों में ही नहीं, बल्कि प्रदेश सहित अन्य कई राज्यों के लोगों की पसंद बन गई है।

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कैलाश बराला

चौमूं। शहर की बर्फी-नमकीन क्षेत्र के लोगों में ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर में प्रसिद्ध है। चौमूं शहर से जुड़े कई बाहरी राज्यों के लोग भी चौमूं की बर्फी-नमकीन का स्वाद चखे बिना नहीं रहते है। शहर निवासी सुरेश विजयवर्गीय ने बताया कि लोग बर्फी-नमकीन को बहुत पसंद करते है। सीधे पशुपालकों से दूध खरीदा जाता है। फिर मावा बनाकर बर्फी तैयार करते है। साथ ही, बर्फी की कटिंग की डिजाइन भी लोगों को खूब पंसद आती है। वहीं, नमकीन (सेव-मोगर) शुरू से ही मूंगफली के तेल में बनाई जा रही है। आज प्रदेश सहित अन्य कई राज्यों के लोगों की पसंद बन गई है।

फुटपाथ पर बेची जाती थी बर्फी

वर्ष 1947 से चौपड़ में फुटपाथ पर बैठकर बर्फी व नमकीन (सेव मोगर) बिकना शुरू हुआ था समय के साथ-साथ हालत बदलते गए और चौपड़, थाना मोड़ चौराहा व बस स्टैण्ड पर दुकानें बनीं। जहां से अब बर्फी-नमकीन की बिक्री की जा रही है।

शगुन व मेहमानों के लिए विशेष सौगात: शहर व आसपास के लोग बाहर से आने वाले अपने मेहमानों को यहां की बर्फी-नमकीन की सौगात देते हैं। साथ ही शादी समारोह के सगुन व त्योहारों पर भी लोग उत्साह से बर्फी-नमकीन खरीदते हैं।

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