9 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्टार्टअप से बदल रहे कचरा प्रबंधन की तस्वीर

रीसाइक्लिंग में नवाचार नई दिल्ली. भारत में तेजी से बढ़ती कचरा प्रबंधन की समस्या को तकनीक और नवाचार के जरिए हल करने की कोशिश कर रहे Plannex Recycling के सह-संस्थापक यशराज भारद्वाज ने स्टार्टअप शुरू कर रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में नई पहल शुरू की है। प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश: प्रश्न: भारत में […]

2 min read
Google source verification

रीसाइक्लिंग में नवाचार

नई दिल्ली. भारत में तेजी से बढ़ती कचरा प्रबंधन की समस्या को तकनीक और नवाचार के जरिए हल करने की कोशिश कर रहे Plannex Recycling के सह-संस्थापक यशराज भारद्वाज ने स्टार्टअप शुरू कर रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में नई पहल शुरू की है। प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश:

प्रश्न: भारत में कचरा प्रबंधन की समस्या कितनी गंभीर है?
उत्तर: भारत हर साल 62 मिलियन टन से ज्यादा ठोस कचरा पैदा करता है। इसमें से करीब 70 प्रतिशत कचरा ही एकत्रित हो पाता है, जबकि बड़ी मात्रा में कचरा लैंडफिल में चला जाता है। अनुमान है कि 2030 तक यह आंकड़ा 165 मिलियन टन तक पहुंच सकता है। ई-वेस्ट, प्लास्टिक और औद्योगिक कचरा इस समस्या को और जटिल बनाते हैं।

प्रश्न: कंपनी बनाने में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
उत्तर: भारत का रीसाइक्लिंग सेक्टर काफी बिखरा और असंगठित है। रिवर्स लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनाना और अनौपचारिक क्षेत्र को संगठित सिस्टम से जोड़ना आसान नहीं था। हमने इसके लिए टेक्नोलॉजी आधारित मॉडल अपनाया। अपना इन-हाउस वेस्ट ईआरपी प्लेटफॉर्म विकसित किया, जिसमें रियल-टाइम ट्रैकिंग, एआई आधारित छंटाई और बैच-लेवल ट्रेसबिलिटी की सुविधा है। आज हमारे पास 70 से ज्यादा कलेक्शन सेंटर हैं और हम ई-वेस्ट, प्लास्टिक, टायर, बैटरी और सोलर पैनल जैसे कचरे को प्रोसेस कर रहे हैं।

प्रश्न: सर्कुलर इकोनॉमी में आपकी कंपनी की क्या भूमिका है?
उत्तर: हमारा मानना है कि कचरा समस्या नहीं, बल्कि संसाधन है। सर्कुलर इकोनॉमी तभी संभव है जब कलेक्शन, छंटाई और प्रोसेसिंग एकीकृत सिस्टम में काम करें। Plannex इसी मॉडल पर काम कर रहा है और उद्योगों, सरकारों तथा समुदायों को टिकाऊ समाधान दे रहा है।

प्रश्न: कंपनी के प्रमुख प्रोजेक्ट्स कौन से हैं?
उत्तर: हम ई-वेस्ट और प्लास्टिक प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ा रहे हैं। फरीदाबाद और गुजरात में हमारी आधुनिक प्रोसेसिंग सुविधाएं प्रमुख प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं। आने वाले समय में हम अपनी क्षमता बढ़ाकर वैश्विक सर्कुलर सप्लाई चेन विकसित करना चाहते हैं।