
सरकार बनाने के लिए हिमाचल के लोगों को ठगा, अब राजस्थान के लोगों को ठगेगी कांग्रेस
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और हिमाचल के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की सभी गारंटियां पूरी तरह झूठ हैं। आज से करीब 11 महीने पहले हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें कांग्रेस ने राजस्थान की तरह ही गारंटियां दी थी। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिमला में प्रेसवार्ता करके कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी जो वादा करते हैं। उसे पूरा करते हैं। कांग्रेस ने राजस्थान में 10 दिन में किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने का वादा भी किया था। उसका क्या हुआ ? बिल्कुल इसी तरह हिमाचल के लोगों को झूठी गारंटियों में गुमराह किया गया। राजस्थान की जनता को समझने की जरूरत है कि वह इस तरह के झूठे प्रलोभन में ना आए।
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को यहां पत्रकारों से कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने से पहले कांग्रेस ने 10 गारंटीयां दी थी, जिसमें कहा गया था कि प्रदेश की 18 साल से 70 साल उम्र की 22 लाख महिलाएं हैं। उनके लिए कैबिनेट की पहली ही बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि उनके खाते में 1500 रुपए प्रत्येक महीने डाले जाएंगे। लगभग 12 महिने हो चुके, लेकिन अभी तक किसी महिला के खाते में एक रूपया भी नहीं आया। इसके अलावा कांग्रेस ने गारंटी दी थी कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी, लेकिन मुफ्त बिजली देना तो दूर कांग्रेस सरकार ने वहां बिजली की दरें बढ़ा दी। दूसरी ओर भाजपा ने बिना गारंटी के भी वहां काम किया और जो पहले से ही 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती थी, वह चालू रखी।
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और हिमाचल चुनाव के प्रभारी भूपेश बघेल ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि गाय का गोबर 2 रुपए किलो में खरीदा जाएगा, लेकिन वह भी पूरी तरह झूठा निकला। जबकि, छत्तीसगढ़ का गोबर घोटाला लोगों को ध्यान जरूर है। बघेल ने कहा था कि हिमाचल में बागवानी बड़े स्तर पर की जाती है, कांग्रेस सत्ता में आई तो यहां की फसलों का रेट किसान खुद तय करेगा। हिमाचल में सेब का 5000 करोड़ का व्यापार होता है। यहां के लोग झांसे में आ गए, जबकि धरातल पर हालात बेहद खराब हैं।
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राजस्थान में अभी तक जो 7 गारंटियां दी हैं, उनमें अधिकांश वही हैं जो हिमाचल में दी गई थी। किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ करने का वादा खोखला निकला। उल्टा यह स्थिति हो गई कि लगभग 20 हजार से ज्यादा किसानों की जमीन नीलाम हो गई। दर्जनों किसानों ने आत्महत्या कर ली। राजस्थान में भी गाय का गोबर खरीदने की बात कही है, जबकि लंपी वायरस के समय सबसे ज्यादा 70 प्रतिशत गौ माता राजस्थान में ही मरी थी। जो लोग गाय की सुरक्षा नहीं कर सकते वो गोबर कैसे खरीद सकते हैं। राजस्थान में लाल डायरी का नाम सीएम गहलोत से ऐसे जुड़ गया कि जैसे ही लाल डायरी का जिक्र होता है मुख्यमंत्री गहलोत की बौखलाहट बढ़ जाती है।
Published on:
15 Nov 2023 07:15 pm
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