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व्यापार में निवेश के नाम पर ढाई करोड़ की ठगी, फोर्टी के यूथ विंग का अध्यक्ष गिरफ्तार

जयपुर। मानसरोवर थाना पुलिस ने ऊंचे रसूखात बताकर और कई कंपनियों का मालिक बताकर एक व्यापारी से ढाई करोड़ से ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है।

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जयपुर

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Lalit Tiwari

Dec 04, 2023

व्यापार में निवेश के नाम पर ढाई करोड़ की ठगी, फोर्टी के यूथ विंग का अध्यक्ष गिरफ्तार

व्यापार में निवेश के नाम पर ढाई करोड़ की ठगी, फोर्टी के यूथ विंग का अध्यक्ष गिरफ्तार

जयपुर। मानसरोवर थाना पुलिस ने ऊंचे रसूखात बताकर और कई कंपनियों का मालिक बताकर एक व्यापारी से ढाई करोड़ से ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है। मानसरोवर थाना पुलिस ने जांच करने के बाद ठगी के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फोर्टी के यूथ विंग का अध्यक्ष हैं।
पुलिस के मुताबिक इस संबंध में न्यू लाइट कॉलोनी टोंक रोड निवासी शैलेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 में श्याम नगर थाने में महिमा एलाईट स्वेज फार्म सोडाला निवासी धीरेन्द्र सिंह राजपूत के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। जिसमें बताया कि आरोपी धीरेन्द्र सिंह ने खुद का नामी व्यापारी बताते हुए कहा कि उसकी कई कंपनियां और श्याम नगर में एक होटल है। जिसमें वह और उसकी पत्नी सोनम कंवर शेयर एवं निदेशक के पद पर कार्यरत है। धीरेन्द्र और सोनम कंवर ने पीड़ित को निवेश करने और मोटा मुनाफा करने का झांसा देकर ढाई करोड़ रुपए का निवेश करवा लिया। यह पैसा एक साल के लिए दिया गया था। शैलेन्द्र मोदी ने बेटे जय मोदी के स़डक हादसे में गंभीर रुप से घायल होने पर पैसे मांगे तो देने से मना कर दिया और उन्हें ऑफिस से निकाल दिया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच करने के बाद आरोपी धीरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

बड़े राजनेताओं के साथ दिखाई फोटो तो यकीन हुआ
पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने बड़े बड़े राजनेताओँ के साथ अपनी फोटो दिखाई। इससे उन्हें यकीन हो गया। आरोपी धीरेन्द्र ने बताया कि संजीव कुमार सांगी एवं राजीव कुमार सांघी जो कि शिव शक्ति समूह के नाम से काम करते है। वह उसके भागीदार है।

बदल गया व्यवहार
आरोपी धीरेंद्र ने लिए हुए पैसे एक साल तक निवेश करने के बाद लौटाने की बात भी कही थी। कुछ समय तक तो सब ठीक चला, लेकिन 10 महीने बाद आरोपी धीरेंद्र और सोनम का व्यवहार एकदम से बदल गया। एक साल का समय पूरा होने के बाद जब धीरेंद्र ने राशि मांगी तो वो कुछ समय में एक मोटा भुगतान होने की बात कहते हुए पूरी राशि लौटाने की बात कही, लेकिन यह राशि नहीं लौटाई।