भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो ने रिश्वतखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पीएचईडी के चीफ इंजिनियर को दस लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में पकड़ा हैं। पकड़ा गया आरोपी मनीष बेनीवाल पीएचईडी डिपार्टमेंट का चीफ इंजीनियर है। रिश्वत की यह राशि बड़े प्रोजेक्ट में काम के एवज में मांगी जा रही थी। एसीबी ने इस मामले में रिश्वत देने वाले ठेकेदार को भी गिरफ्तार किया हैं।
भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक बी.एल सोनी ने बताया कि सूचना मिली थी कि पीएचईडी अरबन में तैनात चीफ इंजीनियर मनीष बेनीवाल ठेकेदार कजोड़ मल से एक बड़ी रकम लेने वाला है। सूचना मिलने पर एसीबी की टीम ने ठेकेदार और मनीष के मोबाइल को सर्विलांस पर रखा। लोक एक्टिविटी पर भी नजर रखी। इसके बाद एसीबी को पता चला की सोमवार दोपहर में मालवीय नगर गिरधर मार्ग के पास सरकारी आवास पर दोनों पैसों का लेनदेन करने वाले हैं। इस पर एसीबी की टीम मौके पर पहुंची। शाम करीब 6 बजे दोनों को रुपए का लेन-देन करते गिरफ्तार किया गया। एसीबी के एडिशनल एसपी बजरंगसिंह ने यह ट्रेप की कार्रवाई को अंजाम दिया।
एसीबी की गिरफ्त में ठेकेदार, दोनों ही आरोपियों के घर और दफतर पर चल रही सर्च
एसीबी ट्रेप के बाद अन्य अधिकारी मनीष बेनीवाल और ठेकेदार के घर और दफ्तर में सर्च करने पहुंचे हैं। एसीबी जयपुर दोनों के 6 से ज्यादा ठिकानों पर सर्च कर रही है। एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन भी इस वक्त एसीबी मुख्यालय में बैठकर पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
चीफ इंजीनियर के सरकारी आवास पर किया ट्रेप
ठेकेदार कजोड़ मल तिवारी कई इलाकों में पानी सप्लाई के लिए पाइप डालने का काम कर रहा है। इसी एवज में एसीबी ने इन सभी को पैसा लेते और पैसा देते हुए ट्रेप किया। बता दें कि मनीष बेनीवाल साल 2007 में एक्सईएन रहते हुए एसीबी के रडार में आए थे। उस दौरान एसीबी ने उनके आवास पर सर्च किया था। हालांकि उस दौरान कोई खास सबूत नहीं मिले थे।