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Shaheed Diwas : राजस्थान सहित पूरे देश में 30 जनवरी को 2 मिनट के लिए सब मौन हो जाते हैं। आखिर क्यों? तो हर साल 30 जनवरी को शहीद दिवस मनाया जाता है। इस दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का निधन हुआ था। 30 जनवरी वर्ष 1948 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी। नई दिल्ली के बिड़ला भवन में प्रार्थना सभा के दौरान 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को गोली मार दी थी।
महात्मा गांधी 'बापू' को श्रद्धांजलि देने के लिए 30 जनवरी को शहीद दिवस के अवसर पर सुबह 11 बजे 2 मिनट का सामूहिक मौन रखा जाता है। यह मौन इस साल भी रखा जाएगा। शहीद दिवस पर 2 मिनट का मौन और बिगुल की ध्वनि एक रस्म है, पर यह परंपरा सन 1955 में शुरू हुई थी। 30 जनवरी को शहीद दिवस मनाने का उद्देश्य केवल महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देना ही नहीं है, बल्कि उन सभी वीरों को याद करना है, जिन्होंने देश की आज़ादी, एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
देशभर में 2 मिनट का मौन।
राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री राजघाट पर अर्पित करते हैं श्रद्धांजलि।
स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में भाषण, देशभक्ति गीत और शहीदों की कहानियां साझा की जाती हैं।
जयपुर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को शहीद दिवस के अवसर पर सुबह 11 बजे 2 मिनट का सामूहिक मौन रखा जाएगा। शहीद दिवस पर सायरनों के ध्वनि प्रसारण से 2 मिनट के मौन संकेत प्रसारित किए जाएंगे। जिसके बाद जयपुर जिले में सामूहिक मौन रखा जाएगा।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बताया की जिला प्रशासन से मौन संकेत प्रसारण के लिए कलेक्ट्रेट सहित 13 स्थानों पर सायरनों का प्रयोग किया जाएगा। पहला सायरन सुबह 10 बजकर 59 मिनट 15 सेकंड पर बजेगा, जिससे मौन रखने की शुरुआत की जाएगी। 2 मिनट का मौन समाप्त होने पर 11 बजकर 02 मिनट पर मौन समाप्ति संकेत के लिए दूसरी बार सायरन बजाया जाएगा।
Updated on:
29 Jan 2026, 3:04 PM IST
Published on:
29 Jan 2026, 2:45 PM IST
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