
Jaipur
जयपुर। जयपुर से अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक नई उड़ान की आहट सुनाई दी है। अटल इनक्यूबेशन सेंटर–जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय से जुड़े एयरोस्पेस स्टार्टअप 'बीएएएस टेक्नोलॉजीज़' ने अपने ठोस रॉकेट मोटर का सफल स्थैतिक अग्नि परीक्षण कर स्वदेशी प्रोपल्शन तकनीक की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। यह परीक्षण न सिर्फ तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन है, बल्कि इस बात का संकेत भी है कि अब स्टार्टअप्स की ताकत से भारत का अंतरिक्ष भविष्य और मजबूत होने जा रहा है। बीएएएस टेक्नोलॉजीज़ के संस्थापक तनमय कानमहाले ने कहा, 'हर परीक्षण हमें नई सीख देता है। यह स्थैतिक अग्नि परीक्षण हमारे इग्निशन सिस्टम की क्षमता को परखने और रॉकेट मोटर के अगले संस्करण के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी जुटाने में बेहद उपयोगी रहा है।'
मजबूत टेस्ट स्टैंड पर हुआ परीक्षण
परीक्षण मजबूत टेस्ट स्टैंड पर किया गया, जिसमें सटीक माप के लिए कैलिब्रेटेड लोड सेल्स लगाए गए थे। इनकी मदद से परीक्षण के दौरान उत्पन्न थ्रस्ट और दहन कक्ष के दबाव की वास्तविक समय में निगरानी की गई। इस परीक्षण का उद्देश्य मोटर केसिंग की मजबूती को परिचालन दबाव पर परखना, थ्रस्ट प्रदर्शन से जुड़ा डेटा एकत्र करना और कंपनी द्वारा विकसित स्वदेशी वायरलेस इग्निशन प्रणाली की विश्वसनीयता का परीक्षण करना था।
नोज़ल में अवरोध, बढ़ा दहन कक्ष का दबाव
परीक्षण के दौरान वायरलेस इग्निशन प्रणाली को लगभग 500 मीटर की सुरक्षित दूरी से सफलतापूर्वक सक्रिय किया गया। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इग्निशन शुरू हुआ और हॉट फायर परीक्षण नियंत्रित ढंग से सम्पन्न हुआ। हालांकि परीक्षण के दौरान नोज़ल में अवरोध पैदा होने से दहन कक्ष का दबाव बढ़ गया और लगभग 36 किलो न्यूटन** का अधिकतम बल दर्ज किया गया, जिससे मोटर केसिंग में संरचनात्मक क्षति हुई। इसके बावजूद परीक्षण से टीम को महत्वपूर्ण तकनीकी डेटा प्राप्त हुआ है। कंपनी ने प्रारंभिक विफलता विश्लेषण शुरू कर दिया है और डिज़ाइन सुधार के बाद अगले 3–4 महीनों में नया स्थैतिक परीक्षण करने की योजना बनाई है।
इस संबंध में एआईसी–जेकेएलयू की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि कच्छावा ने कहा, 'बीएएएस टेक्नोलॉजीज़ द्वारा किया गया यह स्थैतिक अग्नि परीक्षण उन्नत प्रोपल्शन तकनीक के विकास में निरंतर परीक्षण और सीखने की प्रक्रिया की अहमियत को दर्शाता है। एआईसी–जेकेएलयू को गर्व है कि वह ऐसे स्टार्टअप्स का सहयोग कर रहा है, जो भारत में स्वदेशी एयरोस्पेस नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।'
Updated on:
16 Mar 2026 05:05 pm
Published on:
16 Mar 2026 05:02 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
