जैन ने स्पष्ट किया कि कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण अनिवार्य किया जाए। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इसका पालन नहीं करती है, तो उनके खिलाफ यूजर चार्ज और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों को और तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि लोग नए नियमों को समझें और उनका पालन करें।