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मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा ने उठाए टिकट वितरण पर सवालः कहा, ‘क्या नेताओं ने विधानसभा चुनाव में भांग खाकर बांटे थे टिकट’?

-जिला प्रभारी महेंद्र चौधरी के समक्ष विधायक संयम लोढ़ा ने पीसीसी पदाधिकारियों के चयन पर भी उठाए सवाल, अपने बूथ पर हारने वाले बनाए जाते हैं प्रदेश पदाधिकारी

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जयपुर। विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण और प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार और वरिष्ठ निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने सवाल खड़े किए हैं। सोमवार को सिरोही में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेने गए जिला प्रभारी महेंद्र चौधरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री के सलाहकार व वरिष्ठ विधायक संयम लोढ़ा ने सवाल खड़े करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।

संयम लोढ़ा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में सिरोही और मारवाड़ जंक्शन के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की गलती सुधारते हुए उन सीटों पर भाजपा को हरा दिया, कांग्रेस के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई, कोई 30 हजार से से हारा तो कोई 40 हजार वोटों से चुनाव हारा। संयम लोढ़ा ने कहा कि क्या कांग्रेस के नेताओं ने तब भांग खाकर टिकट बांटे थे? कांग्रेस नेताओं को ग्राउंड रियलिटी का जरा सा भी एहसास नहीं था।

संयम लोढ़ा ने अपने इस बयान के जरिए एक तीर से कई निशाने साधे हैं। दरअसल विधानसभा चुनाव के दौरान सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं तो वहीं प्रदेश प्रभारी की भूमिका में अविनाश पांडे थे। ऐसे में माना जा रहा है कि उनका यह बयान इन दोनों नेताओं की कार्यशैली पर ही है। संयम लोढ़ा ने कहा कि सिरोही, जालौर और मारवाड़ जंक्शन के चप्पे-चप्पे में कांग्रेस बसी है लेकिन नेताओं को टिकट का चयन तो सही करना चाहिए।

बूथ पर हारने वाले बन जाते हैं प्रदेश पदाधिकारी
संयम लोढ़ा ने प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर भी सवाल खड़े किए। संयम लोढ़ा ने कहा कि अपने बूथ पर चुनाव हारने वाले नेता भी प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी बन जाते हैं, जिन बूथों पर कांग्रेस पीछे रहती है वह प्रदेश का पदाधिकारी बन जाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पदाधिकारी बनाते समय उनका रिकॉर्ड तो जानना चाहिए कि उनका परिणाम क्या रहा? लोढ़ा ने प्रभारी मंत्री के सामने कहा कि अगर कांग्रेस की कमजोरी दूर करनी है तो जो पदाधिकारी बनते हैं उनका रिकॉर्ड सबके सामने रखना चाहिए और फिर फैसला करना चाहिए। संयम ने कहा कि यहां कांग्रेस के लिए गड्ढा खोदने वाले वहां जाकर प्रदेश के पदाधिकारी बन जाते हैं और नेताओं के साथ फोटो खिंचवाते हैं।

भाजपा को हराने के लिए करते हैं हम 24 घंटे काम
संयम लोढ़ा ने बैठक में कहा कि हम वही करेंगे जो अब तक करते हैं आए हैं, भाजपा को हराने के लिए हम 24 घंटे काम करते हैं और करते रहेंगे, लेकिन जो लोग पंचायत चुनाव में बड़े-बड़े दावे करते थे उनका भी रिजल्ट एक बार देखना चाहिए कि उन्होंने क्या परिणाम दिया।

प्रदेश में मुख्यमंत्री की विश्वसनीयता
विधायक संयम लोढा ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की विश्वसनीयता बरकरार है, पूरा राजस्थान में लोग उनको चाहते हैं और उनका मान सम्मान बरकरार है। उनके फैसलों पर लोग अपनी मुहर लगाते हैं, लोग कांग्रेस से जुड़ना चाहते हैं और कांग्रेस को मजबूत करना चाहते हैं इसीलिए कांग्रेस की कमजोरियों को दूर करना चाहिए।

अमित शाह पर भी साधा निशाना बैठक
लोढ़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि 2023 में दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाने वालों का दावा पूरी तरह से फेल है। विधानसभा उपचुनाव में इनके प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई ऐसे में यह किस मुंह से दो तिहाई बहुमत है आने का दावा कर रहे हैं। गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं है जब वरिष्ठ विधायक संयम लोढ़ा ने कांग्रेस ने नेताओं पर सवाल खड़े किए हों, इससे पहले भी कांग्रेस नताओं को लेकर ऐसी बयानबाजी करते आए हैं। संयम लोढ़ा को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बेहद करीबी माना जाता है।

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