
मुख्यमंत्री के निर्देश, सड़क दुर्घटना बीमा योजना का होगा सरलीकरण
जयपुर
Chief Minister Ashok Gehlot : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिला कलेक्टर्स को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग करने के साथ ही समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर्स के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री ने स्कूली विद्यार्थियों के लिए संचालित सड़क दुर्घटना बीमा योजना का सरलीकरण करने, खासकर विधवा, वृद्धावस्था और दिव्यांगों के कल्याण के लिए चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, पालनहार योजना और आमजन से जुड़ी संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि अगर छोटे छोटे काम के लिए लोगों को राजधानी आना पड़ा तो यह गंभीर होगा और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
समय पर मिले सहायता
मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में सड़क दुर्घटना बीमा योजना के सरलीकरण एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए एक पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्कूलों का भी सर्वे करवाया जाए, जहां दुर्घटनाओं की संख्या अधिक रहती है ताकि सरकार आवश्यक सुरक्षा उपाय कर सके। दरअसल, राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई विद्यार्थी दुर्घटना बीमा योजना गैर सरकारी स्कूली विद्यार्थियों के साथ ही कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए भी है। राज्य सरकार की ओर से पिछले कई सालों से दुर्घटना बीमा योजना संचालित हो रही हैं। इस योजना में विद्यार्थी की मौत होने और शारीरिक रूप से असक्षम होने पर चिकित्सक की सिफारिश के आधार पर राशि प्रदान की जाती है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के बीमे का प्रीमियम सरकार वहन करती है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स, संभागीय आयुक्तों को यह निर्देश भी दिए हैं कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार के प्रकरणों में पीड़ित को जल्द सहायता उपलब्ध करवाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृत्यु, दुर्घटना या अन्य स्थितियों में पीडि़तों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से मिलने वाली सहायता राशि समय पर उपलब्ध करवाई जाए। जिला कलेक्टर स्वयं इसकी मॉनीटरिंग करें।
मुख्यमंत्री की सख्ती का असर
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री गहलोत ने 5 दिसम्बर को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिला कलक्टरों को निर्देश दिए थे कि आमजन से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर विधवा, वृद्धावस्था और दिव्यांगों के कल्याण के लिए चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, पालनहार तथा आमजन से जुड़ी शिकायतों के लम्बित रहने पर उन्होंने कलक्टरों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए थे। इसका यह असर रहा कि मात्र दो माह में ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लम्बित प्रकरणों की संख्या 3 लाख 40 हजार से घटकर मात्र 900 रह गई।
फटकार के बाद प्रकरणों में आई कमी
पालनहार योजना के 2853 लंबित प्रकरणों में भी इस अवधि में करीब 2300 आवेदकों को लाभ मिल गया। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए दो माह में करीब 75 प्रतिशत आवेदकों के प्रमाण-पत्र जारी हो गए। पिछली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के समय लम्बित 2 लाख 80 हजार 507 आवेदकों में से 2 लाख 9 हजार 735 आवेदकों को ईडब्ल्यूएस के प्रमाण-पत्र जारी कर दिए गए। सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरण के निस्तारण में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई। दो माह में ही 15 फीसदी तक इन प्रकरणों का निस्तारण बढ़ गया।
Published on:
15 Feb 2020 05:35 pm
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