15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Kite Festival 2026: जलमहल की पाल पर होगा काइट फेस्टिवल, मिलेगी फ्री पतंगे और पारंपरिक व्यंजन, CM और डिप्टी CM होंगे शामिल

Rajasthan Tourism Kite Festival: राजस्थान सरकार हर साल काइट फेस्टिवल का आयोजन करती है। 2026 में यह भव्य उत्सव 14 जनवरी को जयपुर के जलमहल की पाल पर आयोजित होगा।

2 min read
Google source verification
Kite-Festival-2026

फाइल फोटो: पत्रिका

International Kite Festival Jaipur 2026: राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राजस्थान सरकार हर वर्ष काइट फेस्टिवल का आयोजन करती है। 2026 में ये उत्सव और भी भव्य रूप में आयोजित होगा। इस बार 14 जनवरी 2026 को काइट फेस्टिवल जलमहल की पाल पर आयोजित किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी शामिल होंगे।

इस बार क्या होगा खास?

काइट फेस्टिवल 2026 सिर्फ एक पारंपरिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजस्थान के इवेंट-बेस्ड टूरिज़्म का प्रमुख ब्रांड बन चुका है। इस उत्सव में पर्यटकों को कई तरह की आकर्षक एक्टिविटी देखने को मिलेंगी। जिसमें पतंग बनाने का लाइव प्रदर्शन, उड़ती हुई अलग-अलग डिजाइन की पतंगों समेत कई एक्टिविटी शामिल होगी।

राजस्थान पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे से होगी जो दोपहर 2 बजे तक चलेगा। ये फेस्टिवल टूरिस्ट को खास एक्सपीरियंस देगा। इसमें विदेशी पर्यटकों के लिए निःशुल्क पतंगे वितरित की जाएंगी और साथ ही वे ऊंटगाड़ी की सवारी का भी आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा पारंपरिक व्यंजनों का भी निःशुल्क वितरण किया जाएगा।

हवामहल पर होगी भव्य आतिशबाजी

कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत शाम 6:30 बजे लालटेन उत्सव से होगी। इसके बाद हवामहल पर भव्य आतिशबाजी होगी। यह आतिशबाजी काइट फेस्टिवल का शानदार और यादगार समापन करेगी।

टूरिज़्म इवेंट बना काइट फेस्टिवल

ये फेस्टिवल राजस्थान के लिए एक प्रमुख टूरिज़्म इवेंट बन चुका है, जो हर साल बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। काइट फेस्टिवल 2026 एक बार फिर राजस्थान की पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को और भी मजबूत करेगा। इस भव्य आयोजन को राजस्थान पर्यटन विभाग और राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जिला प्रशासन जयपुर, जयपुर नगर निगम, और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का भी सहयोग है।

राजस्थान से जुड़ी हर ताज़ा खबर, सीधे आपके WhatsApp पर
जुड़ें अभी
: https://bit.ly/4bg81fl