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बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जगाई बच्चों में ‘उम्मीद’

बच्चों के लिए शुरू की गई हेल्पलाइनबच्चों के साथ पैरेंट्स भी ले सकेंगे परामर्शटोल-फ्री हेल्पलाइन (0141-4932233) पर मिलेगा समाधान

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jan 20, 2021


अब बच्चों में तनाव, बैचेनी तथा अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए बालक,अभिभावक तथा आमजन विशेषज्ञों से नि:शुल्क परामर्श ले सकते हैं। बच्चों में मानसिक तनाव को दूर करने, बाल अपराधों की शिकायतों को दर्ज करने व बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनों की जानकारी देने के लिए राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (Rajasthan State Child Rights Protection Commission) ने हेल्पलाइन (Helpline) की शुरुआत की है। स्वयंसेवी संस्था सेव द चिल्ड्रन, माइन्ड पाइपर व इंडस एक्शन के सहयोग से इस राज्य स्तरीय हेल्पलाइन (State level helpline) उम्मीद को प्रारम्भ किया गया है। इस का टोल फ्री नम्बर 0141-4932233 है।
बच्चों की आवाज को प्राथमिकता एवं ईमानदारी के साथ प्रत्येक स्तर पर सुना जा सके एवं सभी बच्चे अपना जीवन सम्मान के साथ जी सकें, इसी उद्देश्य के साथ बाल आयोग (Baal aayog) ने इस हेल्पलाइन की शुरुआत की है। हेल्पलाइन के टोल.फ्री नम्बर पर सोमवार से शनिवार प्रात: 10 बजे से सांय 7 बजे तक बालकों में होने वाले तनाव,अवसाद इत्यादि की समस्याओं को विशेषज्ञों द्वारा सुनकर उनका समाधान किया जाएगा।
बाल अपराध की शिकायतों की भी सुनवाई
हेल्पलाइन के जरिए न केवल बच्चों का मानसिक तनाव दूर करने का प्रयास किया जाएगा बल्कि बाल अपराधों से जुड़ी शिकायतों पर भी कार्रवाई की जाएगी। बाल.अपराध की शिकायत मिलने पर विशेषज्ञों द्वारा आयोग के सदस्य अथवा अधिकारीणों को कॉल ट्रांसफर की जाएगी, जिस पर सम्बन्धित विभाग के माध्यम से त्वरित कार्यवाही करवाई जाएगी। गौरतलब है कि बाल आयोग की ओर से बच्चों का सर्वांगीण विकास करने,बाल अधिकारों का उल्लंघन रोकने, बाल.शोषण को प्रतिबंधित करने तथा बच्चों को उनके अधिकारों से अवगत करवाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उसी के तहत इसकी शुरुआत की गई है।
बच्चों में बढ़ रही तनाव की समस्या
गौरतलब है कि कोविड 19 के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान और उसके बाद बच्चों में तनाव और अवसाद की समस्याएं अधिक बढऩे के मामले सामने आए हैं। बच्चे लंबे समय से घरों में कैद रहे, उन्हें दोस्तों से अलग थलग अपने घरों तक सीमित रहना पड़ा साथ ही उन्हें घर में तनाव और कहीं.कहीं हिंसा के गवाह भी बनना पड़ा ऐसे में इसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई में आई समस्याओं के कारण भी वह अवसाद में रहे हैं।

इनका कहना है,
अब बच्चों में तनाव,अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए हमने हेल्पलाइन शुरू की है। स्वयंसेवी संस्था सेव द चिल्ड्रन, माइन्ड पाइपर व इंडस एक्शन के सहयोग से इस राज्य स्तरीय हेल्पलाइन उम्मीद को प्रारम्भ किया गया है। बच्चे और उनके अभिभावक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मदद ने सकते हैं।
संगीता बेनीवाल,
अध्यक्ष, राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग