दरअसल, नियुक्ति वाली फाइल सीएमओ में अटकी पड़ी है और सरकार अपने दो साल का कार्यकाल पूरा होने के कार्यक्रमों में व्यस्त है।

दरअसल, राज्य के कुछ जिलों में बाल कल्याण समिति आैर किशोर न्याय बोर्ड का गठन किया जाना है। इसके लिए अक्टूबर माह में सभी आवेदकों के इंटरव्यू लिए गए थे। इसकी रिपोर्ट तैयार कर उसे सीएमओ में भेज दिया गया, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने पर भी समिति आैर बोर्ड का गठन नहीं किया जा सका है। वहीं वर्तमान समिति का कार्यकाल पूरा होने पर भी वह अभी कार्य कर रही है।

हालांकि विभाग की मानें तो जब तक नई समिति या बोर्ड नहीं बन जाता है तब तक यथावत काम करेंगे। वहीं नई नियुक्तियों पर अधिकारी भी असमंजस की स्थिति में हैं। इनका कहना है कि सरकार के दो साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है एेसे में व्यस्तता बढ़ गई है। जब तक सीएमओ से फाइल साइन होकर नहीं आएगी तब तक इस बारे में कयास लगाना ठीक नहीं।
बाल निदेशालय की उपनिदेशक रीना शर्मा ने बताया कि नई समिति आैर बोर्ड के इंटरव्यू तो पूरे हो चुके हैं। फाइल सीएमओ भेज दी गई है। जिस दिन मंजूरी मिल जाएगी उसी वक्त यहां से आदेश भी जारी कर दिए जाएंगे।