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बालक-बालिकाओं ने 68 बियासणा करने का लिया प्रेरणादायी संकल्प

जयपुर

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Newsdesk

Jul 29, 2026

Rajasthan

दावणगेरे. श्री सुपाश्र्वनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ दावणगेरे में आचार्य राजरक्षितसूरि, पंन्यास नयरक्षितविजय तथा साध्वी हर्षज्योति आदि साधु-साध्वी भगवंतों के पावन सान्निध्य में चातुर्मास पर्व का अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने देववंदन, चातुर्मासिक प्रतिक्रमण और क्षमायाचना कर आत्मशुद्धि का संकल्प लिया। वहीं छोटे-छोटे बालक-बालिकाओं ने 68 बियासणा करने का प्रेरणादायी संकल्प लेकर सभी का मन जीत लिया। आचार्य राजरक्षितसूरि ने कहा कि वर्ष के बारह महीनों में आत्मकल्याण, तप, संयम और साधना के लिए चातुर्मास के चार महीने सर्वोत्तम माने गए हैं। अहिंसा, संयम और तप ही आत्मा को परमात्मा बनने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। जैन आगमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विरक्ति और सदाचार से जीवन के विघ्न शांत होते हैं तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। युवा प्रवचनकार पंन्यास नयरक्षितविजय ने कहा कि दावणगेरे श्रीसंघ में चातुर्मास का वातावरण अत्यंत प्रेरणादायी है। आज के भोगवादी और उपभोगवादी दौर में जब युवा वर्ग भौतिक आकर्षणों की ओर बढ़ रहा है, ऐसे समय में तप, त्याग, जिनवाणी, ब्रह्मचर्य और धर्म साधना का मार्ग अपनाने वाले युवा-युवतियों को देखकर हृदय गद्गद हो उठता है। संघ की ओर से बताया गया कि 29 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) को प्रात: 7.30 बजे विशेष गुरु पूर्णिमा प्रवचन तथा रात्रि 9.00 बजे केवल पुरुष श्रद्धालुओं के लिए विशेष धर्मसभा एवं प्रवचन आयोजित किया जाएगा।