
बेगाने हुए अपनों ने तो उस वृद्धा को जमाने की ठोकर खाने को मजबूर कर दिया लेकिन आश्रम में पनाह मिलने के बाद अब वह सुकून में है। वृद्धा जयपुर क्षेत्र की है। वह अज्ञात परिस्थितियों में अजमेर पहुंची। सरस्वती नगर स्थित विष्णु हिल टाउन में पिछले कुछ दिनों से वह बदहवास होकर घूमती रही।
उसकी दयनीय हालत देखकर किसी ने राजस्थान पत्रिका को फोन किया और उसकी मदद को कहा। पत्रिका ने वृद्धाश्रम संचालिका रेवती शर्मा को दी गई। सूचना पाकर रेवती अपने स्टाफ के साथ फौरन वहां पहुंची और उसे अपने साथ आश्रम ले आई। वहां वे वृद्धा की तिमारदारी कर रही है।
रेवती ने बताया कि वृद्धा अपना नाम पांची देवी व पति का नाम गंगाराम बताती है। गांव का पता कभी जयपुर, दौसा, सांगानेर बताती है तो कभी नेवटा, मोयणा। अस्पष्ट भाषा में वह अपने परिजन व रिश्तेदारों के व्यवहार से आहत होकर घर से निकलना बता रही है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह निकाली गई या उसे कुछ खिलाकर रवाना कर दिया गया। वह अपने पति की पेंशन होना व 8 बीघा जमीन होना भी बता रही है। वह अपनी बहन मूंदड़ी मौहल्ला में रहना व खुद को धानका समाज से होने की बात कह रही है। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिन से भोजन नहीं करने से उसका चेहरा भी फीका पड़ गया है।
वह घर वालों से तिरस्कृ त व मानसिक रूप से अवसाद में ग्रसित नजर आ रही है। वृद्धा अपने घरवालों के व्यवहार व उसे खेती करते हुए ही एक ही जोड़े कपड़े मं भगा देने की बात अस्पष्ट रूप से कह पा रही है। फिलहाल आश्रम में उसके भोजन व रहने का इंतजाम हो गया है। आश्रम संचालिका ने संबंधित थाने को भी अवगत करा दिया है ताकि यदि वृद्धा की कोई गुमशुदगी की रिपोर्ट हो तो उसके परिजन को पहचाना जा सके।
Published on:
15 Feb 2016 03:42 pm
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