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दिल की बीमारियों के ग्रस्त बच्चों को अब नहीं लगाने पड़ेंगे दिल्ली, मुंबई के चक्कर

जेके लोन अस्पताल से राहत की बड़ी खबर आई है। अब यहां आने वाले दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यहां एक ही छत के नीचे उनको ह्रदय रोगों और सर्जरी का पूरा इलाज मिलेगा। खास बात यह है कि लाखों रुपए में मिलने वाला […]

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जयपुर

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Amit Pareek

Jul 10, 2025

जेके लोन अस्पताल से राहत की बड़ी खबर आई है। अब यहां आने वाले दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यहां एक ही छत के नीचे उनको ह्रदय रोगों और सर्जरी का पूरा इलाज मिलेगा। खास बात यह है कि लाखों रुपए में मिलने वाला यह इलाज मां योजना के तहत उन्हें पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध हो सकेगा। यह सुविधा जेके लोन में 17 जुलाई से शुरू हो सकेगी। इसके लिए अस्पताल के दूसरे तल पर बच्चों के हृदय रोग और सर्जरी के लिए डेडिकेटेड पीडियाट्रिक कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) यूनिट तैयार की गई है। सीटीवीएस विभाग की प्रोफेसर डॉ. हेमलता ने बताया कि यह राजस्थान में पहली बार किसी सरकारी अस्पताल में बच्चों के लिए डेडिकेटेड यूनिट होगी। करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस यूनिट में अत्याधुनिक सुविधाएं जुटाई गई हैं।

यह मिलेगी डेडिकेटेड कैथ लैब समेत सुविधाएं

यूनिट में एक अत्याधुनिक कैथ लैब, एक मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर, 10 बेड का आईसीयू, 5 बेड का एचडीयू और 65 बेड का जनरल वार्ड बनाया गया है। यह यूनिट पूरी तरह तैयार है और अभी इसके संचालन के लिए डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।

अब रोजाना संभव होगी सर्जरी, बडी राहत

अभी तक जेके लोन और एसएमएस अस्पताल में रोजाना 30–40 बच्चे दिल से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें 3–4 नए केस होते हैं। इनमें से कई को सर्जरी की जरूरत होती है लेकिन सुविधाओं के अभाव में एसएमएस में महीने में केवल 1–2 सर्जरी ही हो पाती थी। अब जेके लोन में यूनिट शुरू होने के बाद रोजाना बच्चों की सर्जरी की जा सकेगी। इसके अलावा अस्पताल में सीटीवीएस की नियमित ओपीडी भी शुरू हो सकेगी।

जेके लोन में यह यूनिट 17 जुलाई से शुरू हो जाएगी। इसके शुरू होने से बच्चों के हृदय रोगों का इलाज नि:शुल्क मिलेगा। लाखों रुपए की बचत होगी और परिजनों का समय भी बचेगा।डॉ.दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज