13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ऑनलाइन सर्वे में चीनियों ने चुना ‘राष्ट्रीय पुष्प’

चीन की फ्लावर एसोसिएशन की ओर से कराए गए इस ऑनलाइन सर्वे में पियोनी को बहुमत हासिल हुआ है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kiran Kaur

Jul 28, 2019

flower

ऑनलाइन सर्वे में चीनियों ने चुना 'राष्ट्रीय पुष्प'

चीन के नागरिकों ने एक ऑनलाइन सर्वे में अपना राष्ट्रीय पुष्प चुना है। पड़ोसी देश के लोगों ने अपने फ्लोरल सिंबल के रूप में 'फूलों के राजा' पियोनी को चुना है। चीन की फ्लावर एसोसिएशन की ओर से कराए गए इस ऑनलाइन सर्वे में पियोनी को बहुमत हासिल हुआ है। एसोसिएशन का कहना है कि उन्हें अब केंद्र सरकार से पियोनी को 'राष्ट्रीय पुष्प' का दर्जा दिए जानेे का इंतजार है। चीन के राष्ट्रीय फूल बनने की दौड़ में पियोनी के साथ-साथ विंटरस्वीट, क्राईसैंथेमम, ऑर्किड, कैमेलिया, कमल का फूल, चाइनीज रोज, एजेलिया, स्वीट सेंटेड ओसमेंथस और नारकिसस आदि शामिल थे। इस चयन के लिए कुल 3,62,264 वोट पड़े, जिसमेंं से 79 फीसदी पियोनी को मिले थे। उसके बाद 12 फीसदी विंटरस्वीट और दो फीसदी ऑर्किड के हिस्से में आए। चीन के 4,000 साल के इतिहास में पियोनी के फूल को देशभर में व्यापक रूप से देखा जा सकता है। चमकीले रंग और बेहद खूबसूरत होने की वजह से इसे चीन में 'फूलों का राजा' भी कहा जाता है और यह एक शुभ प्रतीक भी है। एक अधिकारी ने बताया कि तांग राजवंश में पियोनी राष्ट्रीय फूल था। इसके सजावटी मूल्य के अलावा, फूल का प्रयोग भोजन और पारंपरिक चीनी जड़ी बूटी के रूप में भी किया जाता है, इसलिए भी पियोनी का आर्थिक मूल्य काफी ज्यादा है। कोई भी फूल तभी चीन का राष्ट्रीय फूल बन सकता था, जब वह चार मानदंडों को पूरा करता हो। पहला, वह मूल रूप से चीन का फूल होना चाहिए और कई क्षेत्रों में सर्वव्यापी होना चाहिए। दूसरा, वह चीनी संस्कृति और व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करने के लिए आकार और रंग में सुंदर होना चाहिए। तीसरा, इसका उपयोग कई क्षेत्रों में ऐसे तरीकों से किया जाना चाहिए, जिससे कि जनता को लाभ हो। चौथा, इसका गहरा ऐतिहासिक आधार होना चाहिए। चीन अब तक उन देशों में शामिल था, जिनका कोई राष्ट्रीय फूल नहीं था। इस घोषणा के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरानी है कि चीन ने पियोनी को अपना राष्ट्रीय फूल चुना है क्योंकि वे तो पहले से ऐसा मानते रहे हैं कि यही फूल नेशनल फ्लावर है।