
जयपुर। रानी पद्मावती ने स्त्री सम्मान, मातृभूमि के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। जौहर स्थल को नमन करने के लिए श्री राजपूत करणी सेना की ओर से 27 जनवरी को महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। महाकुंभ में देशभर से राजपूत समाज के लोगों के साथ सर्वसमाज को 'चित्तौड़ दर्शन' के लिए आह्वान किया है। साथ ही पद्मावती को श्रद्धांजलि देकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
शुक्रवार को राजपूत सभा भवन में एक प्रेसवार्ता में श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने बताया कि हमारा मुद्दा था कि पदमावती फिल्म पूरी तरह से बंद हो। हम चांदी का जूता मार कर रहेंगे। उन्होंने बताया कि 28 दिसंबर को अरविंद सिंह, के.के. सिंह और चंद्रमणि सिंह ने फिल्म को देखकर पूरी तरह से बैन करने को कहा है। लोकेन्द्र कालवी ने कहा कि करणी सेना और राजपूत समाज में एकता की भावना को प्रदर्शित करने के लिए चित्तौड़ दर्शन का आह्वान किया गया है। श्री राजपूत करणी सेना अपनी ताकत दिखाना चाहती हैै।
पद्मावती को लेकर बनाएंगे आगे की रणनीति
कालवी ने कहा कि पद्मावती मामले में जिन युवाओं ने साथ दिया, जिन्होंने समर्थन दिया, उन युवाओं का मनोबल बढ़ाने और पद्मावती को लेकर आगे की रणनीति बनाने के लिए यह महाकुंभ बुलाया जा रहा है। फिल्म पद्मावति पर पूर्ण रोक की मांग को लेकर कालवी ने कहा कि एक फिल्म पर पूरी तरह रोक लगाने से सरकार का कुछ नहीं बिगड़ेगा, लेकिन इस पर रोक लग गई तो 50 साल तक कोई भी इतिहास से छेड़छाड़ नहीं करेगा। कालवी ने प्री सेंसर बोर्ड की फिर मांग उठाई। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक फिल्म बनने से पहले होने वाले विवादों के लिए एक प्री सेंसर बोर्ड का गठन होना चाहिए। जब भी कोई विवाद हो तो वह प्री सेंसर बोर्ड में जाए। प्री सेंसर बोर्ड को संवैधानिक अधिकार भी मिलने चाहिए।
Updated on:
05 Jan 2018 09:08 pm
Published on:
05 Jan 2018 05:52 pm
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