
जयपुर से करीबन 35 किमी की दूरी पर स्थित चौमूं शहर में थाने में ही बसता है बालाजी का धाम। 'भगवान शहर में शांति बनाए रखना। किसी तरह की अपराधिक घटनाएं नहीं हों और वारदातों से बचाकर रखना।' इसी तरह की प्रार्थना पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी चौमूं शहर के पुलिस थाने में रोजाना सुबह-शाम श्री वीर हनुमान जी से करते दिखाई देते हैं। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस थाने में डीईओ ऑफिसर की सीट के पास सामोद पर्वत स्थित श्रीवीर हनुमान जी के चित्र व प्रतिमा स्थापित कर रखी है, जहां रोजाना पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही पुलिस थाने की छत पर श्रीवीर हनुमान जी का झंडा भी लगा रखा है। यानी, पुलिस में भी भगवान के प्रति आस्था बढ़ती नजर आ रही है।
कहा जाता है कि कुछ साल पहले शहर में आए दिन अपराधिक घटनाएं हो रही थीं। चोरी—हत्या जैसी बड़ी वारदातों को बदमाश दे रहे थे। इससे शहर के लोग दहशत में थे। इसके बाद पुलिस ने थाने में श्रीवीर हनुमान जी की पूजा शुरू की। बालाजी की पूजा-अर्चना करने के लिए थाने में फूलों का सुंदर बगीचा बना रखा है। इन बगीचों में लगे गुलाब के फूल तोड़ कर सुबह और शाम को थाना इंचार्ज, डीईओ और पुलिसकर्मी बालाजी के चरणों में चढ़ाकर पूजा-अर्चना के बाद सीट पर बैठते हैं। थाना अधिकारी और पुलिस स्टाफ किसी भी काम से बाहर जाते हैं तो उनके हाथ जोड़ कर ही बाहर जाते हैं।
मान्यता है कि सामोद पर्वत स्थित श्री वीर हनुमान जी की मूर्ति तत्काल बोलती है, जो भी उनके पास जाता है वह खाली हाथ नहीं लौटता है। सामोद पर्वत स्थित श्री वीर हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मंगलवार और शनिवार को विधायक रामलाल शर्मा, एसीपी राजवीर सिंह, ग्रामीण एसीपी दीपक शर्मा और चौमूं थाना इंचार्ज जितेन्द्र सिंह सोलंकी जाते हैं। महाराज गजानंद शास्त्री का कहना है कि थाने में बालाजी का झंडा लगा है। वह थाने में शांति, यश, कीर्ति, अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रतीक है।
Published on:
28 Apr 2018 01:32 pm
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