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जयपुर को भाया चौपाटी कल्चर, यहां मिलता है परिवार का मनपसंद खाना

परिवार के किसी सदस्य को दाल-बाटी-चूरमा पसंद है तो बच्चों को चाइनीज फूड। परिवार के कुछ सदस्य ऐसे भी हैं जो इडली, सांभर और डोसा को पसंद करते हैं। सभी तरह के विकल्प एक जगह पर मिल सकें, इसके लिए लोग चौपाटी में आ रहे हैं। दिन में भले ही लोगों की संख्या कम रहती हो, लेकिन रात होते-होते इन चौपाटियों में पैर रखने की जगह नहीं मिलती।

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जयपुर. परिवार के किसी सदस्य को दाल-बाटी-चूरमा पसंद है तो बच्चों को चाइनीज फूड। परिवार के कुछ सदस्य ऐसे भी हैं जो इडली, सांभर और डोसा को पसंद करते हैं। सभी तरह के विकल्प एक जगह पर मिल सकें, इसके लिए लोग चौपाटी (Jaipur Chowpati) में आ रहे हैं। दिन में भले ही लोगों की संख्या कम रहती हो, लेकिन रात होते-होते इन चौपाटियों में पैर रखने की जगह नहीं मिलती। यहां स्वाद के कई विकल्प मिलते हैं। इसी वजह से अब निजी स्तर पर भी इनको शुरू किया जा रहा है।

मसाला चौक से हुई शुरुआत
-वर्ष 2018-19 में रामनिवास बाग (Ramniwas Bagh) के मसाला चौक से चौपाटी कल्चर की शुरुआत हुई। वर्ष 2021 में राजस्थान आवासन मंडल (Rajasthan Housing Board) ने प्रताप नगर और मानसरोवर में जयपुर चौपाटी (jaipur Chowpati) शुरू की।

-मालवीय नगर पुलिया से गुजरने वाले नाले के ऊपर बनीं दुकानों में भी लोगों ने मिलकर चौपाटी विकसित कर ली। शाम को यहां भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ होती है।

-वैशाली नगर और मानसरोवर में भी लोगों ने इस तरह की चौपाटी विकसित की हैं।

लाइव म्यूजिक का भी लुत्फ
-एक ही परिसर में खाने के तमाम विकल्प मिल जाते हैं। जयपुर चौपाटी में तो लाइव म्यूजिक का भी लोग लुत्फ उठाते हैं। ङ्क्षसङ्क्षगग का शौक रखने वाले लोग यहां आकर गाना भी गा सकते हैं।

ये बेहतर विकल्प
चौपाटी पर राजस्थानी, पंजाबी सहित खाने के कई विकल्प मिल जाते हैं। शहर के दूसरे क्षेत्रों में भी चौपाटी खुल रही है। -सोनाली

खान-पान और आउङ्क्षटग के लिए चौपाटी अच्छा विकल्प है। यहां परिवार के साथ स्ट्रीट फूड का आनंद लिया जा सकता है।-वृंदा कपूर

इन चौपाटियों में बैठने की अच्छी व्यवस्था है। स्टूडेंट के लिए किफायती जगह भी है। घर पर जब भी कोई मेहमान आता है तो उसे यहां लेकर जरूर आते हैं।-भूमिका राणा