
जयपुर।
यूपी की तर्ज पर अब राजस्थान में भी आपराधिक तत्वों के ठिकानों को नेस्तेनाबूद करने के लिए बुलडोज़र चलाया जा रहा है। पेपर लीक प्रकरणों में चौतरफा घिरी गहलोत सरकार इस कवायद से आपराधिक घटनाओं में लिप्त गिरोह को सख्त मैसेज देने की कोशिश में है।
ताज़ा मामला वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण से जुड़ा है, जिसे लेकर सरकार ने राजधानी जयपुर शहर की प्राइम लोकेशन पर बने आरोपियों के एक कोचिंग संस्थान को ढहाने का मन बना लिया है। हालांकि इस कार्रवाई को अवैध निर्माण होने की बात कहते हुए ढहाए जाने की बात कही जा रही है।
जानकारी के अनुसार वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के मुख्य आरोपित भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका की अधिगम संस्थान के नाम से संचालित कोचिंग सेंटर पर जयपुर विकास प्राधिकरण, जेडीए का बुलडोजर चलेगा। शुक्रवार को गोपालपुरा बाईपास स्थित सुख विहार कॉलोनी में कोचिंग की इमारत का जेडीए की टीम ने मौका निरीक्षण किया। इसके बाद इमारत के मालिक और कोचिंग संस्थान के संचालकों को नोटिस जारी किए। सभी से 72 घंटे में जवाब मांगा है।
यह इमारत 30 फीट सड़क के कॉर्नर पर है। इस ओर सड़क सीमा में बालकनी निकाल निर्माण कर लिया। इसी तरह गोपालपुरा बाईपास मुख्य रोड की ओर पांच फीट बालकनी में भी ऊपर तक निर्माण किया हुआ है। निर्माणकर्ता ने इमारत के आगे सड़क सीमा क्षेत्र में भी अतिक्रमण किया है।
फरवरी में भी ढहाई थी इमारत
जेडीए ने फरवरी, 2022 में गोपालपुरा स्थित जगन्नाथपुरी में एसएस स्कूल की अवैध इमारत को ढहाया था। उक्त स्कूल शिक्षा संकुल से रीट पेपर चुराने के आरोपित रामकृपाल मीणा की थी और उसने करीब 1000 वर्ग गज सरकारी जमीन पर कब्जा कर स्कूल बिल्डिंग का निर्माण कराया था। स्कूल के पास ही उसने और 1500 वर्ग गज जमीन पर अवैध रूप से कब्जा भी कर रखा था।
इनको जारी किए नोटिस
आवासीय कॉलोनी में व्यावसायिक गतिविधि, सेटबैक का उल्लंघन, सड़क सीमा में अतिक्रमण और सड़क सीमा में बालकनी निकालने पर धारा 32 के तहत इमारत के मालिक अनिल अग्रवाल और अधिगम कोचिंग संस्थान के संचालक भूपेंद्र सारण, सुरेश ढाका, धर्मेंद्र चौधरी और छाजूलाल जाट को नोटिस जारी किए गए हैं।
जवाब के बाद कार्रवाईजिस इमारत में कोचिंग संस्थान संचालित है, उनका मौका निरीक्षण करवाया गया है। सेटबैक का उल्लंघन सहित, सड़क सीमा में बालकनी निकालने और अतिक्रमण करने का मामला सामने आया है। नोटिस जारी कर 72 घंटे में जवाब मांगा है। जवाब के बाद कार्रवाई की जाएगी। -रघुवीर सैनी, मुख्य नियंत्रक, प्रवर्तन शाखा
Published on:
07 Jan 2023 12:10 pm

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