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महाराष्ट्र में हाई वोल्टेज ड्रामा के बीच गवर्नर Kalraj Mishra से मिलने पहुंचे सीएम Ashok Gehlot, जाने क्यों?

महाराष्ट्र में चल रहे द ग्रेट मराठा पॉलिटिक्स के हाई वोल्टेज ड्रामा के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार दोपहर राजभवन पहुंच गए। यहां उन्होंने राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाक़ात की।

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CM Ashok Gehlot met Kalraj Mishra amidst Maharashtra Political matter

जयपुर।

महाराष्ट्र में चल रहे द ग्रेट मराठा पॉलिटिक्स के हाई वोल्टेज ड्रामा ( Maharashtra Politics ) के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot ) सोमवार दोपहर राजभवन पहुंच गए। यहां उन्होंने राज्यपाल कलराज मिश्र ( Kalraj Mishra ) से मुलाक़ात की। बताया गया कि दोनों के बीच ये शिष्टाचार मुलाक़ात थी।


गौरतलब है कि सीएम गहलोत पहले भी राज्यपाल मिश्र से शिष्टाचार मुलाक़ात कर चुके हैं। ठीक उसी तरह एक बार फिर सीएम के अचानक से गवर्नर से मुलाक़ात की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि 28 और 29 नवम्बर को विधानसभा का अल्प सत्र बुलाया गया है, इसी सन्दर्भ में मिश्र-गहलोत के बीच चर्चा हुई है।


राज्यपाल से मुलाक़ात के पहले सीएम गहलोत सीकर में शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा के पुत्र के विवाह समारोह में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने मालवीय नगर स्थित विधानसभा अध्यक्ष के निवास जाकर डॉ सीपी जोशी से मुलाक़ात भी की।

महाराष्ट्र राज्यपाल से गहलोत मांग चुके हैं इस्तीफा
महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रमों के बीच सीएम गहलोत ने वहां के राज्यपाल की कार्यशैली पर सवाल उठाये थे। सीएम गहलोत ने राज्यपाल को सीएम के तौर पर देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम अजीत पवार को शपथ दिलाये जाने के तरीके पर ऐतराज़ जताया था।


राज्यपाल पर गहलोत ने ये लगाए थे आरोप
महाराष्ट्र घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने जिस तरह अचानक मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई वह अनैतिक है, इसके लिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। गहलोत ने महाराष्ट्र में हुए घटनाक्रम पर ट्वीट करते हुए कहा कि जिस तरह राज्यपाल कोश्यारी ने भाजपा से मिली भगत करके फडणवीस को राकांपा के विधायकों के हस्ताक्षरों की पुष्टि किए बिना शपथ दिला दी उसके लिए राज्यपाल कोश्यारी को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।


गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र में जो हुआ वह छिपकर करने की क्या आवश्यकता थी, इस प्रकार अचानक राष्ट्रपति शासन का हटना और इस प्रकार शपथ दिलाना कौनसी नैतिकता है? ये लोग देश में लोकतंत्र को किस दिशा में ले जा रहे हैं? समय आने पर देशवासी इसका जवाब देंगे और बीजेपी को सबक सिखाएंगे।

उन्होंने कहा कि इस माहौल में फडणवीस मुख्यमंत्री के रूप में कामयाब हो पाएंगे, इसमें संदेह है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने अपराधबोध से ग्रस्त होकर शपथ ली है, वे सुशासन दे पाएंगे इसमें संदेह है। इसका नुकसान महाराष्ट्र की जनता को ही होगा।

28 से है विधानसभा का विशेष सत्र

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने शनिवार को एक आदेश जारी कर विधानसभा का विशेष सत्र गुरुवार 28 नवम्बर को सुबह 11 बजे से आहूत किया है। इस संबंध में शनिवार को राजस्थान विधानसभा सचिवालय द्वारा राजस्थान राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित हुई है। 28-29 नवम्बर को आहूत किए गए दो दिवसीय विशेष सत्र में संविधान पर चर्चा की जायेगी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अनुसार 28-29 नवम्बर को दो दिवसीय विधानसभा सत्र बुलाया गया है। इस सत्र में भीमराव आंबेडकर के विचारों, और संविधान पर चर्चा की जायेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा के अंदर अच्छी बहस होगी।

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