
महिला सुरक्षा में सरकार फेल, भाजपा महिला मोर्चा का हल्ला बोल
जयपुर।
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के दो साल के कुशासन के खिलाफ भाजपा का हल्ला बोल जारी है। महिला मोर्चा ने महिलाओं पर बढ़ते अपराधों खिलाफ सरकार के खिलाफ सोमवार को मोर्चा खोल लिया। गांधी सर्किल पर बड़ी संख्या में महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने गहलोत सरकार के खिलाफ धरना दिया और महिला सुरक्षा को लेकर उसे जमकर कोसा।
भीड़ ज्यादा होने की वजह से धरने में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं हो पाई। उधर, धरने के लिए कनोडिया कॉलेज के बाहर का स्थान तय किया गया था, लेकिन पुलिस ने धरने की अनुमति नहीं दी। जिसकी वजह से धरने को यूनिवर्सिटी गेस्ट हाउस के बाहर शिफ्ट करना पड़ा। लंबे समय बाद हुए इस धरना में ठीकठाक संख्या महिलाएं पहुंची। दो घंटे के धरने में सभी वक्ताओं ने सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया और चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
महिला अपराधों में राजस्थान अव्वल
महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अलका मूंदड़ा ने कहा कि सरकार पिछले दो साल में हर मोर्चे पर विफल रही है। महिला अपराधों में राजस्थान देश में अव्वल स्थान पर आ गया है, मगर सरकार अपने ही अंदरूनी झगड़ों में उलझी हुई है। मूंदड़ा ने कहा कि दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है। पूर्व मंत्री अनिता भदेल ने कहा कि गहलोत सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। यह सरकार महिला विरोधी है। महिलाओं के साथ इतनी घटनाएं घटित होने के बावजूद सरकार की बेरुखी इस बात को साबित करती है। मोर्चा कार्यकर्ताओं ने दो घंटे धरना दिया और हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की।
शहर पदाधिकारियों ने संभाली कमान
धरने की कमान जयपुर शहर अध्यक्ष राघव शर्मा के हाथ में थी। यही वजह रही कि शहर भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद रहे। धरना शुरू होने से पहले स्थान के चयन और बैठने की सभी तरह की व्यवस्था शहर भाजपा पदाधिकारियों ने की। इस दौरान शहर अध्यक्ष राघव शर्मा, कृष्ण मोहन शर्मा, तेज सिंह, कुलवंत सिंह सहित ज्यादातर पदाधिकारी मौके ही डटे रहे।
Published on:
21 Dec 2020 05:58 pm
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