
Rajasthan Politics: सीएम अशोक गहलोत के ट्विट के बाद उपजा नया राजनीतिक विवाद, क्या लालूप्रसाद यादव ईमानदार रेलमंत्री नहीं...?
CM Gehlot political Controversy: राजस्थान में 12 अप्रेल को वंदे भारत ट्रेन की सौगात तो मिल गई लेकिन कई राजनीतिक मसलों में गर्माहट पैदा कर गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान के बाद ईमानदार रेल मंत्रियों को लेकर नया विवाद शुरू हो गया। पीएम के बयान के बाद सीएम अशोक गहलोत द्वारा पूर्व रेलमंत्रियों की एक सूची जारी की जिसमें लालूप्रसाद यादव का नाम गायब था। यादव का नाम इस सूची से गायब होने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं, तो लालू का नाम उनकी ईमानदार रेल मंत्रियों की सूची में शामिल क्यों नहीं है। इसको लेकर देशभर की राजनीति में उबाल आ गया है।
यों गर्माया मामला
दरअसल वंदे भारत ट्रेन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि, यह जो कार्य आपने प्रदेश हित में बताएं हैं, उन्होने लगे हाथ ही कांग्रेस व अन्य पार्टियों पर तंज कसते हुए कहा कि यह काम जो आजादी के बाद हो
जाने चाहिए थे वे काम अब हो रहे हैं। इसके तुरंत बाद सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, प्रधानमंत्री जी मुझे इस बात का दुख है कि आपने मेरी मौजूदगी में 2014 से पहले के रेलमंत्रियों के कार्यकाल के फैसलों को भ्रष्टाचार और राजनीति से प्रेरित बताया। इसके साथ ही उन्होने तमाम ईमानदार रेल मंत्रियों पूर्व रेलमंत्रियों की सूची भी ट्वीट की जिसमें लालूप्रसाद यादव का नाम नहीं था।
ट्वीट में यह लिखा पत्र
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी (PM modi) मुझे दुख है कि आज आपने मेरी मौजूदगी में 2014 से पूर्व के रेलमंत्रीगणों श्री लाल बहादुर शास्त्री, श्री जगजीवनराम, सरदार स्वर्ण सिंह, श्री गुलजारी लाल नंदा, श्री के हनुमानथईया, श्री ललित नारायण मिश्र, श्री कमलापति त्रिपाठी, श्री मधु दंडवते, श्री पीसी सेठी, श्री एबीए गनीखान चौधरी, श्रीमती मोहसिना किदवई, श्री माधवराव सिंधिया, श्री जॉर्ज फर्नांडीस, श्री जनेश्वर मिश्र, श्री सीके जाफरशरीफ, श्री रामविलास पासवान, श्री नीतीश कुमार, श्री राम नायक, सुश्री ममता बनर्जी, श्री मल्लिकार्जुन खडगे सहित सभी के कार्यकाल के फैसलों को भ्रष्टाचार एवं राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित बोलना दुर्भाग्यूर्ण है।
Published on:
13 Apr 2023 10:54 pm
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