22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीएम गहलोत बोले, रिटायर होने पर लेंगे पॉलिटिक्स की क्लास

सीएम अशोक गहलोत ने आज अपनी सरकार के चार साल पूरा होने पर कई मसलों को लेकर मीडिया से बात कर अपनी सरकार और खुद के आगे के प्लान के बारे में जानकारी शेयर की।

3 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rahul Singh

Dec 17, 2022

ashok gehlot

ashok gehlot

सीएम अशोक गहलोत ने आज अपनी सरकार के चार साल पूरा होने पर कई मसलों को लेकर मीडिया से बात कर अपनी सरकार और खुद के आगे के प्लान के बारे में जानकारी शेयर की। गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे जब राजनीति से रिटायर होंगे तो राजनीति की पाठशाला लेंगे जिसमें वे अपने सियासी और राजनीतिक अनुभव के साथ और भी बातें बताएंगे। गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार ने पूरे देश में सबसे ज्यादा सरकारी नौकरियां दी हैं और आने वाले साल में एक लाख सरकारी नौकरियां और देंगे। ये बहुत बड़ी उपलब्धि है।

15 हजार बच्चों को फ्री कोचिंग :
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना से 15 हजार बच्चों को फ्री कोचिंग मिल रही है। जिला एवं संभाग स्तर पर कॉलेज की पढ़ाई के लिए रहने वाले आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को अम्बेडकर डीबीटी योजना के माध्यम से हर महीने 2 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना में 200 बच्चों को विदेश में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप दी जा रही है, अब तक 1 लाख 35 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं, 1 लाख 20 हजार प्रक्रियाधीन हैं तथा 1 लाख और देने की घोषणा की गई है।

EWS को दिए फायदे :
उन्होंने कहा कि EWS में अचल संपत्ति की शर्त को हटाकर EWS लाभार्थियों को आयु सीमा, परीक्षा शुल्क समेत अन्य लाभ भी आरक्षित वर्गों की तरह दिए जा रहे है। सरकारी नौकरी में दिव्यांगजनों का आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश में पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न डीएसपी लेवल तक की नियुक्तियां दी जा रही है। अब तक 229 नौकरियां दी गई हैं।खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में 2 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, पुरुषों को 4000 एवं महिलाओं व विशेष योग्यजनों को 4500 रुपए प्रति माह बेरोजगारी भत्ता एवं 4 घंटे इंटर्नशिप कराई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की आरक्षण संबंधी गाइडलाइंस को ध्यान में रखकर संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए कॉन्ट्रेक्चुअल सर्विस रूल्स बनाए गए हैं जिससे उनके नियमित होने का रास्ता खुला है। कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत 1.78 लाख अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया गया। रेहड़ी, पटरी या अपना छोटा व्यवसाय करने वाले लोगों को इन्दिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत 5 लाख लोगों को एक साल के लिए 50,000 रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है।

FIR की अनिवार्य पंजीकरण नीति सफल :
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में FIR के अनिवार्य पंजीकरण की नीति के बावजूद 2021 में 2019 की तुलना में करीब 5 प्रतिशत अपराध कम दर्ज हुए हैं। गुजरात में अपराधों में करीब 69 प्रतिशत, हरियाणा में 24 प्रतिशत एवं मध्यप्रदेश में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। हत्या, महिलाओं के विरुद्ध अपराध एवं अपहरण में उत्तर प्रदेश देश में सबसे आगे है। सबसे अधिक कस्टोडियल डेथ गुजरात में हुई हैं, नाबालिगों से बलात्कार यानी पॉक्सो एक्ट के मामले में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है जबकि राजस्थान 12वें स्थान पर है। अनिवार्य पंजीकरण नीति का ही परिणाम है कि 2017-18 में 33 प्रतिशत FIR कोर्ट के माध्यम से CrPC 156(3) के तहत इस्तगासे द्वारा दर्ज होती थीं। परन्तु अब यह संख्या सिर्फ 13 प्रतिशत रह गई है, इनमें भी अधिकांश सीधे कोर्ट में जाने वाले मुकदमों की शिकायतें ही होती हैं। यह हमारी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का नतीजा है कि 2017-18 में बलात्कार के मामलों में अनुसंधान समय 274 दिन था जो अब केवल 68 दिन रह गया है। पॉक्सो के मामलों में अनुसंधान का औसत समय 2018 में 232 दिन था जो अब 66 दिन रह गया है। राजस्थान में पुलिस द्वारा हर अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है एवं सरकार पूरी तरह पीड़ित पक्ष के साथ खड़ी रहती है। वर्ष 2015 में SC एवं ST एक्ट के करीब 51 प्रतिशत मामले अदालत के माध्यम से CrPC 156(3) से दर्ज होते थे, अब यह महज 10 प्रतिशत रह गया है। यह FIR के अनिवार्य पंजीकरण नीति की सफलता है।