
ashok gehlot
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई दौरा कर जायजा लिया। साथ ही बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर लोगों को शीघ्र राहत पहुंचाने के आदेश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और आपदा प्रबंधन मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल के साथ कोटा, बूंदी, झालावाड़, करौली और धौलपुर जिलों का दौरा किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर भी निशाना साधा। कोटा एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए सीएम गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के लोग हमेशा तंज कसते थे कि 'कांग्रेस की सरकार आने पर अकाल आता है। उन सभी लोगों के मुंह पर ताले लग गए हैं, अब सब की बोलती बंद हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है साथ ही राणाप्रताप सागर तथा बीसलपुर बांध सहित सभी बांध सुरक्षित है इनके टूटने की आशंका निराधार है। पहले ऐसी स्थिति नजर आई थी लेकिन अब ऐसा कोई खतरा नहीं है। गहलोत ने कहा कि पूरे राजस्थान में केवल 5 जिलों को छोड़कर सब जगह औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
सरकार करेगी हरसंभव मदद
हवाई सर्वे के बाद गहलोत ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में जान-माल और पशुधन का जो नुकसान हुआ है, उसका सर्वे शीघ्र कराया जाएगा जो भी संभव होगा सरकारी पूरी मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में जनता के साथ खड़ी है। जल्द से जल्द हालात सामान्य हो, यह हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में अप्रत्याशित रूप से भारी वर्षा तथा गांधीसागर बांध से छोड़े गए पानी से चंबल नदी के बहाव वाले प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी है। राज्य सरकार इस स्थिति को लेकर मध्यप्रदेश की सरकार और केन्द्र सरकार के साथ संपर्क में है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों में लोगों की मदद के लिए 10 राहत शिविर खोले गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कोटा के एयरपोर्ट लाउंज में अधिकारियों के साथ राहत कार्यों की समीक्षा और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल भरा वाले इलाकों से लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और खाने-पीने और ठहरने के इंतजाम किए जाएं।
उन्होंने कहा कि पानी भराव वाले आवासीय क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर भोजन, आवास एवं मूलभूत सुविधाओं की माकूल व्यवस्थाएं की जायें। फसलों, आवासों एवं पशुओं आदि को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे करायें तथा सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति छूटे नहीं। पानी की निकासी होते ही पेयजल, विद्युत एवं सडक जैसी मूलभूत सुविधाओं को तुरंत बहाल किया जाये।
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों मे मुख्यमंत्री को एसडीआरएफ और सेना की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी दी। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब तक 1 हजार 380 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत शिविरों में 2 हजार से ज्यादा लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है।
Published on:
16 Sep 2019, 9:04 PM IST
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