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शिकायतें सुन उखड़े कलक्टर

गांव मोटासरखूनी में अज्ञात बीमारी के कारण मर रहेे मवेशियों के लिए किए जा रहे प्रयासों के मुआयने के लिए जिला कलक्टर पीसी किशन गांव पहुंचे।

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Jai Narayan Purohit

Feb 11, 2016

गांव मोटासरखूनी में अज्ञात बीमारी के कारण मर रहेे मवेशियों के लिए किए जा रहे प्रयासों के मुआयने के लिए गुरुवार को जिला कलक्टर पीसी किशन गांव पहुंचे। वे ग्रामीणों की शिकायतों को सुनकर उखड़ गए और ग्रामीणों से बिना बात किए लौट गए। जानकारी के अनुसार सुबह ग्यारह बजे जिला कलक्टर गांव के अटल सेवा केन्द्र पहुंचे। वहां मौजूद ग्रामीणों ने कलक्टर को पशु मरने के क्रम में पश्ुापालन विभाग की लापरवाही की जानकारी दी तथा मृत पश्ुाओं की देह के निस्तारण और मुआवजे की मंाग की। उन्होंने हड्डा रोड़ी आबादी क्षेत्र से अन्यत्र स्थापित करने की मांग रखी। इस मामले में बातचीत के दौरान जिला कलक्टर पीसी किशन उखड़ गए तथा ग्रामीणों को बिना संतुष्ट किए लौट आए। हालांकि इससे पूर्व जिला कलक्टर ने सम्बन्धित विभाग को बीमार पशुओं के उचित उपचार के निर्देश दिए।

सम्पूर्ण पंचायत में फैल रहा है रोग
गांव मोटासरखूनी में गुरुवार को भी पशुओं के मरने का सिलसिला जारी रहा। करीब छह मवेशी दोपहर तक अज्ञात बीमारी का शिकार हो गए। दूसरी तरफ जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत के आस पास गांवों में भी पशु रोगग्रस्त होने के समाचार मिले है। गांव दो,तीन, चार एफएफए, 19 एफएफए में भी पशु बीमारी की चपेट में आ रहे है। दो एफएफए के हरी सिंह ने बताया कि गांव में पशु अज्ञात बीमारी की चपेट में आ रहे है। अनियंत्रित हो रही बीमारी से मोटासरखूनी और आस पास के गांवों के लोग भयभीत हंै।

नेशनल रिसर्च सेंटर हिसार से पहुंची टीम
एनआरसीआई हिसार से एक टीम गुरुवार को मोटासरखूनी पहुंची और रोग निवारण के लिए जुटी टीमों के साथ मिलकर पशुओं पर सर्वे किया। सीनियर साइंटिस्ट डॉ. नवीन कुमार के नेतृत्व में पहुंचे इस दल ने डोर टू डोर पशुओं की जांच की। डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि इस गांव के पशु दो प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हंै। यहां वायरल के साथ साथ बैक्ट्रीयल रोग के कारण पशुओं की ज्यादा मौत हो रही है। इस दल द्वारा सैम्पल लिए गए है। उन्होनें बताया कि शुक्र्रवार तक प्रयोगशाला में जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

रोग पर पाया जा रहा है काबू
मोटासरखूनी में आठ चिकित्सक दलों के साथ रोगी पशुओं की सेहत दुरुस्त करने में जुटे पशुपालन विभाग श्रीगंगानगर के उपनिदेशक राजेन्द्र सारडीवाल ने कहा कि रोग निवारण के यथा संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ हद तक रोग पर काबू भी पा लिया गया है। उन्होंनें ग्रामीणों से अपील की मृत पशुओं को खुले में नहीं फैंके, उन्हें गड्ढे में दबाकर निस्तारण करें।

जिला कलक्टर के प्रति ग्रामीणों में रोष
गांव मोटासरखूनी के पूर्व सरपंच इन्द्राज लेघा ने कहा किे जिला कलक्टर पी सी किशन से ग्रामीण ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं कर रहे थे। जिला कलक्टर के आने की सूचना गांव के लिए सुखद थी। किन्तु जिला कलक्टर ने समस्याओं के समाधान के बजाय ग्रामीणों को राजनीति करने की बात कहते हुए लताड़ पिलानी शुरू कर दी। राजू ज्याणी, मदन सहारण, कृपा राम ज्याणी, ओम नायक सहित कई लोगों ने जिला क्लक्टर के इस व्यवहार की निंदा की। इससे पूर्व ग्राम पंचयात सरपंच कमलजीत कौर और कांग्रेस नेता सिकन्दर सिंह ने जिला क्लक्टर से मिलकर पंचायत के रोगी पशुओं के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की। कल्क्टर ने उन्हें मदद का आश्वासन दिया।