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पकड़े गए वाणिज्य कर अधिकारी से खुली पोल, अधिक जुर्माना लगाते, कम करने के लिए मांगते थे रिश्वत

वाणिज्य कर विभाग में रिश्वत का खेल, भ्रष्ट लिपिक व सहायक प्रशासनिक अधिकारी का भेजा जेल, सीनियर एक अधिकारी की भूमिका की जांच में जुटी एसीबी

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मुकेश शर्मा / जयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अलग-अलग मामलों में रिश्वत लेते पकड़े गए लिपिक और सहायक प्रशासनिक अधिकारी को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एसीबी सूत्रों के मुताबिक, वाणिज्य कर विभाग में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के अलावा एक अन्य सीनियर अधिकारी की भूमिका की एसीबी जांच कर रही है।

एसीबी ने विभाग से कुछ फाइलें भी मांगी है। कुछ माह पहले भी वाणिज्य कर विभाग में एक सहायक कमिश्रर को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। इसके बाद भी यहां पर रिश्वत का खेल चल रहा था। एसीबी ने गुरुवार को गिरफ्तार सहायक प्रशासनिक अधिकारी अब्दुल कद्दूस को कोविड़ 19 की जांच करवाने के बाद शुक्रवार को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया। आरोपी अब्दुल को फरियादी से उसकी फर्म का कर निर्धारण करने के एवज में 34 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था।


अधिक पैनेल्टी लगाते, फिर कम करते
एसओजी सूत्रों के मुताबिक, वाणिज्य कर विभाग में आरोपी रिश्वत वसूलने के लिए लोगों के पैनेल्टी अधिक लगाते हैं। फिर विभाग में चक्कर लगाने पर रिश्वत की डिमांड करते हुए पैनेल्टी कम करने की एवज में रिश्वत वसूलते हैं। एसीबी इसकी भी तस्दीक कर सकती है कि विभाग पैनेल्टी कितनी लगाता है और बाद में कितनी कम की गई। उधर, हैड कांस्टेबल से रिश्वत वसूलने के मामले में गिरफ्तार लिपिक रघुवीर सिंह को भी कोविड़ 19 की जांच के बाद शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया।

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