22 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Shiv Mahapuran Katha: भगवान शिव ‘मृत्युंजय’ हैं और उनकी भक्ति से व्यक्ति जीवन के संकटों और भय पर प्राप्त कर सकता है विजय

Mahamrityunjay Yagya: नवरात्र में शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री ने लिया आशीर्वाद। शिव-शक्ति संगम से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार, सनातन परंपराएं समाज को करती हैं सशक्त। मानसरोवर में गूंजा शिव महिमा का स्वर, मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rajesh Dixit

Mar 22, 2026

Pradeep Mishra: जयपुर. नवरात्र के पावन अवसर पर राजधानी जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा एवं महामृत्युंजय रूद्र महायज्ञ का वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सपत्नीक कार्यक्रम में भाग लेकर भगवान शिव की आराधना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिव महापुराण कथा का श्रवण किया तथा भगवान शिव की आरती कर आमजन के कल्याण के लिए प्रार्थना की। इससे पहले उन्होंने प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे परिसर में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति के पर्व, उत्सव और धार्मिक परंपराएं समाज को एकजुट और सशक्त बनाने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्र और नववर्ष के इस शुभ समय में शिव महापुराण कथा का आयोजन शिव और शक्ति के दिव्य संगम का प्रतीक है। मां दुर्गा की आराधना जहां जीवन में शक्ति का संचार करती है, वहीं शिव महापुराण कथा मन को शांति और आत्मिक संतुलन प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि भगवान शिव ‘मृत्युंजय’ हैं और उनकी भक्ति से व्यक्ति जीवन के संकटों और भय पर विजय प्राप्त कर सकता है। शिव साधना हमें संयम, त्याग और मानवता की रक्षा का संदेश देती है। शिव भक्ति को उन्होंने जीवन का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बताया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में हो रहे धार्मिक और सांस्कृतिक विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर और केदारनाथ-बद्रीनाथ धामों का विकास सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। राज्य सरकार भी मंदिरों और तीर्थ स्थलों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा शैली की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सरल भाषा और गहन ज्ञान युवा पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिव पुराण, राम कथा, गीता और भागवत जैसे ग्रंथों से मिलने वाला ज्ञान जीवन को दिशा और सार्थकता प्रदान करता है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग