
Rajasthan wildlife: राजस्थान में अब वन्यजीवों का दीदार होगा महंगा
जयपुर। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने इको सेंसिटिव जोन में बसी जयपुर स्थित गुर्जर घाटी क्षेत्र की कॉलोनी का नियमन नहीं करने के मामले में केन्द्रीय पर्यावरण सचिवख् मुख्य सचिव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, जयपुर कलक्टर व जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त से जवाब मांगा है। साथ ही, दो सदस्यीय कमेटी गठित कर उससे 6 सप्ताह में तथ्यात्मक व कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अब 1 दिसम्बर को सुनवाई होगी।
न्यायाधिकरण ने शिव नगर विकास समिति के प्रार्थना पत्र पर सोमवार को यह अंतरिम आदेश दिया। समिति की ओर से कहा कि नाहरगढ़ वन्य जीव अभ्यारण्य के इको सेंसिटिव जोन में निर्धारित दूरी तक वाणिज्यिक गतिविधियों पर रोक है। इस बारे में जारी अधिसूचना के तहत यहां आवासीय निर्माण पर पाबंदी नहीं है। इसके बावजूद जयपुर विकास प्राधिकरण ने अगस्त 2021 में कॉलोनी के नियमन से इंकार कर दिया। प्रार्थना पत्र में प्राधिकरण के नियमन से इंकार करने के पत्र को रद्द कर नियमन की अनुमति दिलाने की गुहार की है।
न्यायाधिकरण नेजांच कर तथ्यात्मक व कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के लिए मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक व राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की संयुक्त कमेटी बनाई है। न्यायाधिकरण ने कमेटी से मौके पर जाने को कहा है, वहीं परिवादी से कमेटी को एक सप्ताह में दस्तावेज उपलब्ध कराने को भी कहा है। इसके बाद कमेटी न्यायाधिकरण को रिपोर्ट पेश करेगी।
Published on:
28 Sept 2021 02:13 am
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