-मिड-डे-मील के नियमित परोसे जाने वाले भोजन के साथ अतिरिक्त पौष्टिक खाद्य सामग्री (फल, शहद, मिष्ठान, दूध, दही, गुड़, मूंगफली चिक्की आदि) वितरित किए जा सकते हैं।
- स्कूलों में किसी भी प्रकार की अन्य खाद्य सामग्री (जिसका उपयोग शिक्षा विभाग की व्यवस्था के अनुसार भोजन पकाने में किया जा सकता है, जैसे घी, तेल, दाल, मसाले, शक्कर आदि) इस योजना के तहत दी जा सकती है।
-समाज या आमजन की ओर से दी जाने वाली सामग्री का उपयोग मिड-डे-मील योजना के तहत अतिरिक्त भोजन खिलाने के लिए किया जा सकता है। यदि राशि प्राप्त होती है तो उसका उपयोग रसोईघर निर्माण, बर्तन आदि खरीदने में भी किया जा सकता है।
-दानदाता व संस्था के साथ किसी व्यक्ति की ओर से खाद्य सामग्री के साथ बर्तन, गैस चूल्हे, दरी पट्टी, फर्नीचर आदि भी उपलब्ध करवाए जा सकते हैं।
-राशि नकद देने के साथ चेक, डिमाण्ड ड्राफ्ट देने के साथ स्कूल के बैंक खाते में जमा करवाई जा सकती है। उसका उपयोग देने वाले की इच्छा के अनुसार निर्माण कार्य या मिड-डे-मील में किया जाएगा।