जिलेभर में सोयाबीन की करीब 2 लाख 32 हजार 892, उड़द 25 हजार 5 सौ 5, मक्का 3 हजार 6 सौ 70 अन्य फसलों में 15 हजार 3 सौ 24 सहित कुल 3 लाख 4 हजार 3 सौ 91 हैक्टेयर क्षेत्रफल में खरीब की फसलों की बुवाई हुई थी। इसमें लगातार बारिश होने से तथा फसलों के पकने के समय बारिश के जल्दी चले जाने व इल्ली के प्रकोप के कारण किसानों की फसले कई क्षेत्रों में पूरी तरह से खराब हो चुकी थी। लेकिन अभी तक भी राजस्व विभाग द्वारा गिरदावरी की रिपोर्ट तैयार नहीं होने से किसानों को मुआवजे का इंतजार करना पड़ रहा है।