
जयपुर। राजस्थान में नए व पुराने जिलों को लेकर सरकार ही असमंजस में नहीं है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षा में पेपर बनाने तक असमंजस में रहते हैं। राजस्थान की किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में नए जिले बनने के बाद एक भी सवाल नए जिले के सामान्य ज्ञान पर नहीं पूछा गया है। जब इस संबंध में परीक्षार्थियों ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष से सवाल पूछा तो उन्होंने इसका जवाब भी दे दिया है।
बोर्ड अध्यक्ष बोले---आप तो नए व पुराने दोनों जिलों की तैयारी करो
राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष आलोक राज से एक अभ्यर्थी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर पूछा कि 33 जिलों के आधार पर ही प्रतियोगी परीक्षा में सवाल क्यों पूछे जा रहे हैं। अभी हाल ही में सीईटी स्नातक स्तर की परीक्षा में भी नए जिलों के आधार पर कोई सवाल नहीं पूछा है। इस पर बोर्ड अध्यक्ष ने जवाब दिया है कि " सवाल में कोई असमंजस नहीं था, अपने मन के असमंजस को दूर करो, सभी सवाल बिलकुल क्लियर थे बताओ सीईटी में कोई भी ऐसा भूगोल का सवाल जहां आपको डाउट हुआ हो कि कौनसा शहर या विकल्प चुने, नया या पुराना जिला या शहर? वैसे जीके में तो दोनों पता होना चाहिए नया भी और पुराना भी।
पिछले एक साल से नए जिले पर पूछ रहे सवाल
नए जिलों में कौनसे जिले रहेंगे और कौनसे हटेंगे। या सभी नए जिले बने रहेंगे। इस पर नई सरकार बनने के बाद से ही असमंजस बना हुआ है। इस कारण प्रतियोगी परीक्षा के पेपर बनाने वाली एजेंसी भी इस तरह के सवालों से भी बच रही है। वे भी नहीं चाहते कि पेपर के सवालों को लेकर कोई अनावश्यक विवाद हो।
Updated on:
02 Oct 2024 03:07 pm
Published on:
02 Oct 2024 02:44 pm
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