शर्ट उतार हुए परीक्षा में शामिल
कम्प्यूटर अनुदेशक सीधी भर्ती परीक्षा 2022 शुरू
दो दिन में चार चरणों में होगी परीक्षा
पहले दिन दो चरणों में हो रहा परीक्षा का आयोजन
जयपुर।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर सेआयोजित की गई कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती परीक्षा में कई अभ्यार्थियों को अपनी शर्टउतार कर परीक्षा में शामिल होना पड़ा। वजह थी बोर्ड की ओर से परीक्षा में शामिल होने के लिए तय किया गया ड्रेस कोड।कई अभ्यार्थी पूरी बांह की शर्ट पहन कर परीक्षा देने पहुंचे लेकिन उन्हें अपनी शर्ट उतारनी पड़ी, बोर्ड ने स्पष्ट गाइडलाइन तय की थी कि परीक्षार्थी पूरी बांह की शर्ट पहन कर परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। ऐसे में कई परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर अपनी शर्ट उतारनी पड़ी और वह बनियान पहने हुए ही परीक्षा कक्ष पंहुचे। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से कम्प्यूटर अनुदेशक सीधी भर्ती परीक्षा 2022 की शनिवार को शुरुआत हुई।
72.42 फीसदी अभ्यार्थी रहे उपस्थित
शनिवार को परीक्षा बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक सीधी भर्ती परीक्षा का आयोजन दो चरणों में हुआ। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और 2.30 बजे से 4.30 बजे तक परीक्षा होगी। जयपुर जिले में 188 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है। यहां 70 हजार 320 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए हैं। वहीं दूसरे दिन रविवार को वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक सीधी भर्ती परीक्षा का आयोजन दो चरणों में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दोपहर 2.30 बजे से 4.30 बजे तक हुआ। दूसरे दिन की परीक्षा केवल राजधानी जयपुर के 92 परीक्षा केंद्रों पर होगी, जिसमें 30 हजार 516 परीक्षार्थी पंजीकृत है। पहले दिन दो चरणों में आयोजित यह परीक्षा संभाग मुख्यालय अजमेर, भरतपुर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर के 668 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा के लिए कुल 2 लाख 21 हजार 564 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा में उपस्थिति 72.42 फीसदी रही।
री बांह की शर्ट और जूते पहनने पर रोक
बोर्ड की ओर से जारी की गई गाइडलाइन को देखते हुए परीक्षार्थियों ने सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिया था। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आरंभ होने से आधा घंटा पहले परीक्षार्थियों का प्रवेश बंद कर दिया गया। बोर्ड ने परीक्षार्थियों को निर्देश दिए थे कि वह परीक्षा आरंभ होने के निर्धारित समय से एक से डेढ़ घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं।
बोर्ड ने परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया था जिसकी सख्ती से पालना की गई। पुरुष परीक्षार्थियों के पूरी बांह की शर्ट और जूते पहनने पर रोक लगाई गई थी। ऐसे में परीक्षार्थी आधी आस्तीन की शर्टध्टी शर्ट व पेन्ट तथा हवाई चप्पल यानि स्लीपर पहनकर आए थे। वहीं महिला परीक्षार्थी सलवार सूट,साड़ी,आधी आस्तीन का कुर्ता,आधी आस्तीन का ब्लाउज तथा हवाई चप्पल यानि स्लीपर पहनकर आई। उनके चूडिय़ां और जेवरात पहनने पर भी रोक थी। जिसके चलते कई परीक्षार्थियों को अपने गहने परिजनों को देने पड़े।
कोविड प्रोटोकॉल पर फोकस
चयन बोर्ड ने परीक्षा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल की पालना के निर्देश दिए गए थे। जिनकी पालना पर भी विशेष रूप से फोकस किया गया। सभी परीक्षार्थियों को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया था। जो परीक्षार्थी बिना मास्क आए थे उन्हें मास्क पहनने के लिए कहा गया। प्रवेशपत्र की जांच की गई और हर परीक्षार्थी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। एडमिड कार्ड के साथ आईडी कार्ड और ब्लू स्याही का पैन ही लेकर जाने की अनुमति दी गई थी।
राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम है लागू
इस परीक्षा में बोर्ड ने राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम भी लागू किया है। इसके तहत परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में अनुचित सामग्री का उपयोग नहीं कर सकेंगे।नकल करने या नकल करवाने का प्रयास करने, परीक्षा के दौरान केंद्राधीक्षक, सहायक केंद्राधीक्षक, सतर्कता दल को धमकी देने,खुद केे बारे में गलत सूचना देना, अपने स्थान पर किसी अन्य को परीक्षा में बिठाने को इसी अधिनियम के तहत अपराध माना जाएगा। ऐसे परीक्षार्थी को तीन से पांच साल या हमेशा के लिए बोर्ड की परीक्षा से वंचित किया जा सकेगा।