
'इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज माइक्रो टू नैनो' पर सम्मेलन शुरू
100 से अधिक प्रतिभागी कर रहे हैं पार्टिसिपेट
जयपुर। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर और यूनिवर्सिटी ऑफ क्यूबेक कनाडा की ओर से दो दिवसीय 'इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज माइक्रो टू नैनो' पर 5वें अंतरर्राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत शुक्रवार को की गई। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि केंद्र सरकार के डीएसटी विभाग के पूर्व सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा ने किया। मुख्य अतिथि ने माइक्रो से नैनो में प्रौद्योगिकियों को बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया, उन्होंने नैनो प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत की क्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की अधिकतम आबादी के युवा होने के कारण इन प्रौद्योगिकियों में बहुत अच्छे अवसर हैं।
विशिष्ट अतिथि ने वर्तमान के रोजमर्रा जीवन में नैनो एप्लीकेशंस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय और कैंडियन विश्वविद्यालयों के बीच रिसर्च कोलेबरेशन दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
प्रोफेसर जीके प्रभु ने कहा कि मणिपाल जयपुर हमेशा रिसर्च कोलेबोरेशन करने के लिए उत्सुक है और हमेशा इस प्रकार की शोध गतिविधियों के लिए तत्पर है। सम्मेलन में कनाडा, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मोरक्को, जर्मनी आदि जैसे विभिन्न देशों के लगभग 100 प्रतिभागी, 9 विभिन्न तकनीकी सत्रों में पेपर प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा विभिन्न देशों के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और शिक्षाविदों द्वारा 4 कीनोट और 7 इन्वाइटेड टॉक्स भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
Published on:
08 Oct 2021 11:47 pm
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